यूजीसी नेट की परीक्षा देकर बाहर निकलते परीक्षार्थी।
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सुबह 9:30 से 12:30 बजे तक हुई पहली पाली में 11911 और दोपहर 3:00 से 6:00 बजे तक दूसरी पाली की परीक्षा के लिए 11349 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। मगर, पहली पाली में 10125 और दूसरी पाली में 9647 अभ्यर्थियों ने ही परीक्षा दी। हर परीक्षा केंद्र पर औसतन 12 से 15 फीसदी परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। लोकल थानों की पुलिस ने परीक्षा केंद्रों पर तैनात रहकर परीक्षा करवाई।
सुबह की पाली में कुछ परीक्षार्थियों के केंद्र पर निर्धारित समय से थोड़ा विलंब से पहुंचने के कारण परीक्षा छूटने की नौबत आ गई। मगर, उनके अनुरोध के बाद एनटीए ने स्वीकृति दे दी। प्रश्नपत्र हल करने के लिए इस बार एनटीए ने परीक्षार्थियों की पेन को स्वीकृति नहीं दी।
उनकी पेन जमा करवा ली गई और परीक्षा देने के लिए एनटीए ने परीक्षार्थियों को पेन वितरित की। परीक्षा देकर निकले कई परीक्षार्थियों ने प्रश्नपत्र को पिछले वर्ष के मुकाबले कठिन तो बताया, लेकिन साथ ही परीक्षा कराने के ऑफलाइन तरीके से संतुष्ट नजर आए।
शुभम परमार, स्वास्तिका पांडेय, प्रतीक्षा कुमारी और छगनलाल।
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परीक्षा छूटने के बाद शाम को छह बजे शहर की सड़कों पर जाम लग गया। जिले में प्रधानमंत्री का कार्यक्रम होने के कारण कई इलाकों में यातायात का रूट डायवर्ट किया गया था। इससे कुछ परीक्षार्थियों को सवारी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। बाहर के जिलों से आए परीक्षार्थियों को रेलवे और बस स्टेशन तक पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
अभ्यर्थी बोले
ओएमआर शीट पर परीक्षा कराना ठीक लगा। मुख्य प्रश्नपत्र सरल था। सामान्य जानकारी आधारित प्रथम खंड कुछ कठिन लगा। - स्वास्तिका पांडेय
सेंटर पर सुविधाएं ठीक थीं। इस बार दूसरा अटेंप्ट था, पिछली बार से प्रश्न पत्र कठिन लगा। - छगनलाल।