ज्ञानपुर। कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को गेहूं की खरीद को लेकर जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जिलाधिकारी ने निर्देश देते हुए कहा कि खरीद के दौरान किसानों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। अन्न दाताओं को सभी सुविधाएं मिलनी चाहिए। शिकायत मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि एक अप्रैल से जिले में गेहूं खरीद शुरू होगी। 15 जून तक तक खरीद की जाएगी। जिले में 13500 एमटी गेहूं खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए 15 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। क्रय केंद्रों पर महिला अगर गेहूं विक्रय करने के लिए जाएगी तो उसे लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। प्राथमिकता के आधार पर उसका गेहूं खरीदा जाएगा। शासन से निर्धारित धनराशि किसानों के खाते में आरटीजीएस के माध्यम से भेजा जाएगा। गेहूं की छनाई, भराई आदि का खर्च भी किसानों को मिलेगा। किसानों को 1745 रुपये क्विंटल की दर से भुगतान किया जाएगा। एक अप्रैल से 15 जून तक होने वाली खरीद सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक होगी। रविवार और सरकारी अवकाश के अलावा अन्य दिनों पर केंद्र खुले रहेंगे। गेहूं खरीद के लिए खाद्य विभाग के पांच, पीसीएफ के नौ, एफसीआई का एक कुल 15 केंद्र खोले गए हैं। जिला विपणन अधिकारी श्याम कुमार मिश्रा ने कहा कि जिले में 95 फीसदी किसान लघु और सीमांत हैं। सप्ताह में दो दिन केवल इन्हीं का गेहूं खरीदा जाएगा। गेहूं बेचने के लिए किसानों पंजीकरण कराना जरूरी है। महिला किसान अगर क्रय केंद्र पर जाएगी तो उसे प्राथमिकता दी जाएगी। लाइन में लगने के बजाए उसके गेहूं को पहले खरीदा जाएगा। उन्होंने कहा कि शासन की ओर से हर आठ किमी पर एक क्रय केंद्र खोलने का निर्देश है। अब तक 15 केंद्र खुले हैं, जरूरत पड़ने पर केंद्रों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। कार्यशाला में संबधित अधिकारी मौजूद थे।