वाराणसी। संसदीय एवं नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना को ब्लैक लिस्टेड इनोवा उपलब्ध कराने के मामले में पुलिस की बेपरवाही भी सामने आई है।
वीआईपी ड्यूटी में बाहर की जो भी गाडि़यां लगाई जाती हैं, उन्हें तकनीकी जांच के लिए पहले प्रतिसार निरीक्षक (आरआई) के पास भेजा जाता है। आरआई की एनओसी के बाद ही वाहन को वीआईपी ड्यूटी या फ्लीट में लगाया जाता है। पुलिस महकमे में वाहनों की चेकिंग के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है। अगर मंत्री को उपलब्ध कराई गई इनोवा के कागजात चेक किए गए होते तो चूक पकड़ में आ गई होती।
ब्लैक लिस्टेड के साथ इनोवा निजी वाहन में इस्तेमाल किया जाना वाला नंबर प्लेट लगाया गया था जो नियम विरुद्ध है। परिवहन विभाग ने मंत्री को ब्लैक लिस्टेड गाड़ी उपलब्ध कराने का संज्ञान लिया है। एआरटीओ अमित राजन राय ने बताया कि गाड़ी का मई के बाद से टैक्स जमा नहीं किया गया है। जुर्माने के साथ टैक्स जमा करने के लिए विभाग की ओर से इनोवा के मालिक राजनारायण यादव को नोटिस भेजी गई है। साथ ही गलत नंबर प्लेट लगाकर चलने के मामले में भी जल्दी ही प्रवर्तन की ओर से भी नोटिस जाएगी।