जगतगंज में बीते 27 जुलाई को हुई 27 लाख की डकैती में सनी गैंग के शातिर शूटरों के साथ-साथ चाय विक्रेता और ऑटो चालक भी शामिल थे। पुलिस ने सोमवार की रात जगतगंज क्षेत्र से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया। उनके पास से डकैती के आठ लाख रुपये, दो बाइक और एक तमंचा बरामद किया गया है। गिरफ्तार जैतपुरा निवासी बबलू गौड़ ऑटो चलाता है जबकि दूसरा आरोपी मोनू सनी का करीबी शूटर है। गिरफ्तार बदमाशों ने पूछताछ में बताया कि इस मामले में पहले से गिरफ्तार प्रदीप सोनकर लेढ़ूपुर में चाट बेचता था। सनी ने रुपयों का लालच देकर इन्हें डकैती में शामिल किया था।
एसपी सिटी सुधाकर यादव ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस कर पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया। नाटीइमली निवासी फ्लोर मिल मालिक श्याम बजाज का जगतगंज में कार्यालय है। 27 जुलाई को कार्यालय में उनके भाई मनोज और दीपक बैठे थे। रात आठ बजे सनी समेत छह बदमाश दफ्तर में घुसे और 27 लाख रुपयों से भरा बैग उठा ले गए। सीसीटीवी फु टेज से पता चला कि घटना में सनी शामिल था। इसी दौरान 29 जुलाई की रात एसटीएफ ने मंडलीय अस्पताल में मुठभेड़ के दौरान सनी को मार गिराया। साथ ही, उसके दो साथियों लेढ़ूपुर निवासी प्रदीप सोनकर और मनोज गौड़ को गिरफ्तार कर लिया। एक अन्य आरोपी सोनू सिंह भाग निकला था।
गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि सनी, प्रदीप, मनोज, सोनू सिंह, बबलू, मोनू समेत सात लोगों ने डकैती डाली थी। सोमवार की रात आठ बजे इंस्पेक्टर चेतगंज रतन सिंह यादव और क्राइम ब्रांच ने मुखबिर की सूचना पर जगतगंज से मोनू और बबलू को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि कक्षा चार पास बबलू ऑटो चलाता है। प्रदीप सोनकर लेढ़ूपुर में चाट बेचता था। डकैती की घटना के बाद सनी ने बबलू, मोनू और मनोज को आठ लाख रुपये दिए थे। बाकी पैसे उसने अपने पास रखे थे।