वाराणसी। मौसम के बदले मिजाज से बुधवार को भी मौसम खुशगवार रहा। सुबह से दोपहर बाद तक रुक-रुककर हुई बारिश से उमस और गर्मी से परेशान लोगों ने राहत महसूस की। बारिश का असर तापमान पर पड़ा और दो दिन में पारा 19 डिग्री सेल्सियस लुढ़क गया। सोमवार को जहां तापमान 42.9 डिग्री सेल्सियस था तो बुधवार को यह 23.5 डिग्री सेल्सियस रह गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, गुरुवार को भी मौसम इसी तरह रहने की संभावना है।
पिछले कई दिनों से चिलचिलाती धूप और गर्म हवा ने परेशान कर रखा था। मंगलवार से मौसम का बदला। पहले दिन हल्की बूंदाबांदी के बाद दूसरे दिन अच्छी बारिश हुई। बुधवार को सुबह छह बजे से लेकर दोपहर बाद तक रुक रुककर बारिश होती रही। कैंट रेलवे स्टेशन के सामने, लहरतारा पुल के पास, सिगरा, महमूरगंज, भेलूपुर और रथयात्रा आदि जगहों पर पानी जमा हो गया। बारिश से शहरी क्षेत्र में लोग खुश दिखे तो किसानों के चेहरों पर फसलों को नुकसान होने की चिंता छायी रही। मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय ने बताया कि गुरुवार को भी दिन में बारिश होने की संभावना है।
गेहूं की कटाई बाधित, किसान परेशान
बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। कारण बारिश से गेहूं की कटाई बाधित हो रही है। खेतों में काटकर छोड़ी गई फसल के दाने काले पड़ने की आशंका है। दानगंज, लोहता, चिरईगांव क्षेत्र में गेहूं की मड़ाई प्रभावित रही। बराई के किसान विजय मौर्य का कहना है कि गेहूं की कटाई की शुरुआत होते ही मौसम खराब होने से नुकसान की आशंका बढ़ गई है। जाल्हूपुर के प्यारे लाल का कहना है कि ऐसे ही मौसम रहा तो अनाज घर तक पहुंच पाना मुश्किल है। दीनापुर के किसान मुन्ना सिंह ने कहा कि बूंदाबांदी से गेहूं की मड़ाई नहीं हो सकी। पिंडरा और रोहनिया क्षेत्र में भी गेहूं की फसल बारिश से भीग गई। फूलपुर के प्रगतिशील किसान ओमप्रकाश पटेल व अनिल सिंह ने बताया कि जहां गेहूं की कटाई नहीं हुई है, उन पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन जिन किसानों ने गेहूं को काटकर खेत में छोड़ा था, उनके लिए बारिश नुकसानदायक है।