वाराणसी। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में अभी भी 90 हजार से ज्यादा महिलाएं चूल्हा फूंकने को मजबूर हैं। साल 2018 तक एक लाख 49 हजार 713 लाभार्थियों तक योजना का लाभ पहुंचाने का लक्ष्य है। योजना की शुरुआत हुए एक साल से ज्यादा हो गया लेकिन अभी तक 56 हजार 774 जरूरतमंदों को ही घरेलू रसोई गैस का कनेक्शन दिया जा सका है। शुरू में योजना में तेजी आई लेकिन अब एजेंसियों को लाभार्थी ढूंढे नहीं मिल रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2016 में उज्ज्वला योजना की शुरुआत की जिससे की महिलाओं को घर में चूल्हा न फूंकना पड़े। निर्धारित किए गए लक्ष्य को देखें तो पीएम के संसदीय क्षेत्र में ही योजना की हालत खस्ता है। घरेलू रसोई गैस से जुड़ी एजेंसियों की मानें तो लाभार्थियों की जो लिस्ट उन्हें मिली है। उनमें से बड़ी संख्या में ऐसे नाम है, जिन्होंने अभी तक एजेंसी से संपर्क ही नहीं किया। एजेंसी संचालकों की मानें तो बड़ी संख्या में पात्र इस लिस्ट में हैं ही नहीं। इंडेन के स्थानीय अधिकारी सत्यम मिश्रा ने बताया कि एजेंसियों पर कनेक्शन दिए ही जा रहे हैं। साथ ही टीमें लाभार्थियों को तलाश कर उनको योजना से जोड़ रही हैं।
योजना के पात्रों की संख्या - 149713
अब तक दिए गए कनेक्शन - 56774
मई तक दिए गए कनेक्शन - 55443