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भ्रष्टाचार के आरोपी एआरटीओ की जमानत अर्जी खारिज

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वाराणसी। जिला जेल में निरुद्ध निलंबित एआरटीओ आरएस यादव की जमानत अर्जी विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण जितेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने शनिवार को खारिज कर दी। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बात कहा कि आरोपी प्राथमिकी में नामजद है। उसके चालक और एक अन्य को वसूली और छिनैती करते हुए वादी क्षेत्राधिकारी सदर चंदौली द्वारा पकड़ा गया है। सह आरोपियों ने आरोपी के खिलाफ बयान दिया है। पकड़ा गया शिवबहादुर आरोपी का चालक है, यही तथ्य आरोपी को घटना से जोड़ता है।
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भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किए गए आरएस यादव के मामले में न्यायाधीश ने कहा कि स्वयं भ्रष्टाचार करना और कराना अथवा वसूली होने देना समान गंभीरता के अपराध हैं। आपराधिक षड्यंत्र के तहत कराई जा रही वसूली गंभीर अपराध है। विवेचना में जो तथ्य सामने आए हैं उसमें आरोपी के खिलाफ कई गवाहों ने बयान दिए हैं। यह आरोपी के भ्रष्टाचार में संलिप्तता प्रदर्शित करता है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में विवेचना जारी है। गिरफ्तारी के पूर्व ही मामले को आरोपी द्वारा प्रभावित करने का साक्ष्य एसएचओ अलीनगर ने दिया है। ऐसे में आरोपी को रिहा किया जाएगा तो निश्चित रूप से वह विवेचना प्रभावित करेगा। तथ्यों और परिस्थितियों, अपराध की गंभीरता और व्यापकता को देखते हुए जमानत अर्जी खारिज की जाती है।
अभियोजन की तरफ से डीजीसी अनिल सिंह ने लंबी बहस की। इस दौरान विवेचक चकिया सीओ प्रदीप सिंह चंदेल और बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं के साथ अन्य अधिवक्ता भी बहस सुनते रहे। इसके पहले आरएस यादव की 14 दिन की न्यायिक रिमांड समाप्त होने पर इसी कोर्ट में कड़ी सुरक्षा के बीच पेश किया गया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक रिमांड की अवधि बढ़ा दी। उधर, चंदौली पुलिस ने आरएस यादव को 36 घंटे की कस्टडी रिमांड पर शनिवार की सुबह 10 बजे लिया। रविवार रात 10 बजे कस्टडी रिमांड अवधि पूरी होने पर आरएस यादव को जिला जेल में दाखिल कर दिया जाएगा।
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