वाराणसी। आईपी मॉल सिगरा के बेसमेंट स्थित गोदाम में लगी आग पर अग्नि शमन विभाग ने सख्त रुख अख्तियार किया है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) ने मॉल के मालिक मनीष तलवार को नोटिस जारी कर पूछा है कि व्यावसायिक भवन के बेसमेंट में गोदाम क्यों बनाया गया ? आग लगने की घटना की जानकारी देरी से क्यों दी गई ? अग्निशमन के इंतजाम दुरुस्त क्यों नहीं थे ? इन सभी बिंदुओं पर जवाब देने के लिए दिन की मोहलत दी गई है। सीएफओ ने बताया कि प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर मॉल प्रबंधन को यह नोटिस जारी किया गया है। जवाब संतोषजनक प्रतीत न होने पर मॉल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, घटना के संबंध में पुलिस की ओर से भी रिपोर्ट तैयार कर आला अधिकारियों को भेजी गई है।
सिगरा थाना क्षेत्र अंतर्गत आईपी मॉल के बेसमेंट में स्थित दूकानों के गोदाम में शुक्रवार की दोपहर अचानक आग लग गई थी। आग लगते ही भीड़भाड़ वाले इलाके में स्थित मॉल को खाली कराया गया और लगभग तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड कर्मियों ने आग पर काबू पाया। इस बारे में मुख्य अग्नि शमन अधिकारी राकेश राय ने बताया कि प्रथम दृष्टया मॉल प्रबंधन की लापरवाही प्रतीत हुई है। शनिवार को मॉल के मालिक को नोटिस देकर तीन दिन में जवाब देने को कहा गया है। उनसे पूछा गया है कि मॉल में लगे आग से बचाव संबंधी उपकरण सही तरीके से काम क्यों नहीं कर रहे थे। घटना की जानकारी 20 मिनट की देरी से क्यों दी गई। व्यावसायिक भवन के बेसमेंट में गोदाम क्यों बनाया गया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि मॉल के अग्नि सुरक्षा संबंधी कागजात दुरुस्त हैं लेकिन मौके पर सब कुछ ठीक नहीं मिला। मॉल के मालिक के जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर, एसएसपी नितिन तिवारी ने सिगरा थानाध्यक्ष को निर्देशित किया है कि घटना के संबंध में अग्नि शमन विभाग, वीडीए या प्रशासन की ओर से कोई तहरीर आती है तो उस पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करें। सभी मॉल और व्यावसायिक भवनों के मालिकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके यहां आग से सुरक्षा के पर्याप्त उपाय हों।
शार्ट सर्किट और खराब वायरिंग हो सकती है कारण
चेतगंज क्षेत्र के अग्नि शमन अधिकारी योगेेंद्र चौरसिया ने बताया कि आईपी मॉल सिगरा के बेसमेंट स्थित गोदाम में आग लगने का कारण शार्ट सर्किट और खराब वायरिंग हो सकती है। हालांकि पूरी जांच के बाद ही इस बारे में स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। उधर, गोदाम में जिन दूकानों के सामान रखे थे, उनमें एक का कहना था कि करीब आठ लाख रुपये मूल्य के बच्चों के कपड़े और खिलौने जल कर नष्ट हो गए। वहीं, दूसरे दूकानदार का कहना था कि उसकी दूकान के हैंगर और गत्ता सहित अन्य सामान जले हैं।
अन्य व्यावसायिक भवन भी अग्निशमन विभाग के निशाने पर
मुख्य अग्निशमन अधिकारी राकेश राय ने बताया कि बहुमंजिले आवासीय और व्यावसायिक भवनों का औचक निरीक्षण कर अग्नि सुरक्षा संबंधी उपायों को परखा जाता रहता है। मगर, अग्नि शमन अधिकारियोें को कहा गया है कि वे अभियान चलाकर ऐसे सभी भवनों में आग से सुरक्षा संबंधी उपायों की हकीकत देखें और खामी मिलने पर तत्काल कार्रवाई करें।
टल गया बड़ा हादसा, नहीं तो जाती कई जानें
सीएफओ ने बताया कि बेसमेंट में जहां आग लगी थी वहां कई बाइक खड़ी थी। आग वहां तक फैलने पाती तो बड़ा हादसा हो जाता। कई जानें चली जातीं। मगर, अग्निशमन की टीम ने पूरी तत्परता और धैर्य से काम किया। 26 जवानोें ने दमकल की सात गाड़ियों के साथ बेहतर तरीके से स्मोक मैनेजमेंट किया और तीन घंटे से ज्यादा की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया।
रोजाना जैसी रही चहल-पहल
आग लगने के दूसरे दिन यानी शनिवार को आईपी मॉल सिगरा में पहले जैसी ही चहल-पहल दिखी। चाहे सिनेमा देखने आए लोग हों या रेस्टोरेंट और शोरूमों में खरीदारी करने। सब कुछ पहले जैसा ही नजर आया। हालांकि शुक्रवार की घटना की चर्चा लोगों की जुबान पर रही। खासकर बेसमेंट में जो बाइक या कार पार्क करने जा रहे थे वे वहां आग से नष्ट हुए गोदाम और सामान के ढेर जरूर देख रहे थे।