वाराणसी। फुलवरिया रेलवे क्रासिंग के समीप से शुक्रवार को क्राइम ब्रांच और कैंट पुलिस की संयुक्त टीम ने 25 हजार के इनामी बदमाश इमरान को गिरफ्तार किया। इमरान के पास से देसी पिस्टल, दो कारतूस और मोबाइल बरामद कर उसे जेल भेज दिया। हत्या, हत्या का प्रयास और असलहों की तस्करी के आरोपी इमरान की तलाश क्राइम ब्रांच सवा साल से कर रही थी। इमरान के गिरोह का सरगना अभिषेक सिंह प्रिंस और चार साथी पहले से ही जिला जेल में बंद हैं। इस गिरोह पर गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई के लिए एसएसपी ने इंस्पेक्टर कैंट को निर्देश दिया है।
एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह छावनी क्षेत्र स्थित नेहरू पार्क के समीप मौजूद थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि चौक क्षेत्र के छत्तातले निवासी इनामी बदमाश इमरान फुलवरिया क्षेत्र में मौजूद है। इस पर क्राइम ब्रांच प्रभारी ने इंस्पेक्टर कैंट विजय बहादुर सिंह और उनकी टीम के साथ छापेमारी कर इमरान को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले वह तीन बार पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल रहा था। नौ अगस्त 2017 की रात अधिवक्ता अभिषेक सिंह प्रिंस के घर पर बिहार निवासी असलहा तस्कर पिंकू अंसारी की लेनदेन के विवाद में हुई हत्या में इमरान भी शामिल था।
प्रेमिका बनी गिरफ्तारी में मददगार
इमरान 2018 में पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए सऊदी अरब भाग गया था। गाजीपुर के नंदगंज की युवती से इमरान प्यार करता था। सर्विलांस की मदद से इसका पता एक माह पहले लगा तो क्राइम ब्रांच उसके पीछे लगी। क्राइम ब्रांच ने इमरान की प्रेमिका से संपर्क किया और बताया कि वो उसे धोखा देकर किसी और से निकाह कर रहा है। इसके बाद इमरान की प्रेमिका उसे जल्द निकाह करने की जिद करने लगी। इस पर इमरान ने 13 जनवरी को निकाह करने की बात तय की। इसी बीच वो शहर आया और पकड़ा गया।
जोन के तीन जिले टॉप थ्री
प्रदेश भर की पुलिस की कार्रवाई में गुरुवार को डीजीपी ओपी सिंह ने वाराणसी जोन के तीन जिलों को टॉप थ्री में रखा। ऐसा पहली बार हुआ जब जोन के ही तीन जिले एक साथ टॉप थ्री में रहे। इसके तहत बलिया पुलिस पहले नंबर पर, वाराणसी पुलिस दूसरे नंबर पर और चंदौली पुलिस तीसरे स्थान पर रही। डीजीपी ने तीनों जिलों की पुलिस को शाबाशी दी।