वाराणसी। शिल्पियों के उत्थान के लिए बड़ालालपुर दीनदयाल संकुल में एक दिवसीय हस्तकला सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इसमें शिल्पियों ने गुलाबी मीनाकारी, वुड कार्विंग, टेराकोटा, हैंड ब्लाक प्रिटिंग समेत कई उत्पादों का लाइव प्रदर्शन व डिस्प्ले कर अफसरों का दिल जीत लिया।
भारत सरकार, वस्त्र मंत्रालय कार्यालय विकास आयुक्त हस्तशिल्प सेवा केंद्र की ओर से 100 डेज हस्तशिल्प सहयोग व संपर्क कार्यक्रम के तहत कार्यक्रम आयोजित हुआ। मुख्य अतिथि भारत सरकार के सचिव सीपी गोयल ने शिविर में डिस्प्ले कर एक से एक उत्पादों की सराहना की। कहा कि सरकार शिल्पियों के विकास के लिए काफी गंभीर है। शिल्पियों के उत्थान के लिए ऐसे कार्यक्रम होते रहेंगे। शिविर में शहर के करीब 350 शिल्पियों ने 28 स्टालों पर विभिन्न प्रकार के उत्पादों का डिस्प्ले और लाइव प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी में गुलाबी मीनाकारी, स्टोन कार्विग, वुड कार्विंग वुडेन लेकर वेयर, टेराकोटा, टेराकोट हैंड ब्लाक प्रिटिंग, जरी जरदोजी का सजीव का प्रसारण किया। सहायक निदेशक हस्तशिल्प अब्दुल्लाह ने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में संयुक्तआयुक्त उद्योग उमेश कुमार सिंह ने हस्तशिल्पियों के समेकित विकास के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। एलडीएम मिथिलेश कुमार ने बैंक की तरफ से हरसंभव सहयोग करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में विदेश व्यापार के उपमहानिदेशक अमित कुमार, कालीन निर्यात संवर्द्धन परिषद के वाइस चेयरमैन सिद्धनाथ सिंह, कार्यकारी निदेशक संजय कुमार, जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केन्द्र की उपायुक्त करुणा राय आदि मौजूद रहे।