वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के विस्तारीकरण के लिए चिह्नित किए जा चुके भवनों की खरीद और खरीदें गए भवनों के ध्वस्तीकरण की समयसीमा तय कर दी गई हैं। चिह्नित भवनों को 31 अक्तूबर तक मंदिर परिक्षेत्र में शामिल कर लिया जाएगा। सात अक्तूबर को आर्किटेक्ट की नियुक्ति के बाद ध्वस्तीकरण और निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर का निर्माण करीब 25 हजार वर्ग मीटर में किया जाना है। इसमें 296 भवन के साथ ही कई दुकानें और मंदिर धर्मशाला शामिल हैं। दो अक्तूबर की शाम तक 149 रजिस्ट्री हो चुकी हैं। अब प्रशासन ने आगे के कार्य के लिए समयसीमा तय कर दी है। अब 31 अक्तूबर तक ध्वस्तीकरण के कार्य को हर हाल में पूरा करना है।
सात अक्तबूर से कंसलटेंट के फाइनल होने के बाद दोनों कार्य साथ-साथ चलेंगे। जिन क्षेत्रों में ध्वस्तीकरण का कार्य पूरा हो जाएगा, वहां निर्माण कार्य भी शुरू हो जाएगा। निर्धारित समय में काम पूरा करने के लिए चिह्नित निर्माण गिराने और उसके मलवे को हटाने के लिए मजदूरों की संख्या बढ़ा दी गई है। साथ ही ठेकेदारों को सुरक्षा उपकरण के बिना कोई भी कार्य न करने की हिदायत दी गई है।
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बांस फाटक की ओर खुलेगा पांचवां गेट
ध्वस्तीकरण के कार्य में मंदिर प्रशासन को मिली पांचवें गेट की सफलता के बाद अब उस गेट को मेन रोड तक पहुंचाने की तैयारी शुरू हो गई है। करीब 50 मीटर की दूरी में छोटे बड़े करीब 10 मकान हैं, जिनको खरीदने का काम शुरू हो गया है। मंदिर में प्रवेश के लिए मेन रोड से मंदिर परिसर का पहला सीधा और सबसे चौड़ा गेट होगा, मुख्य मार्ग को मंदिर से जोड़ेगा। अब तक पांचवें गेट में प्रवेश के लिए भी श्रद्धालुओं को छत्ता द्वार की गली के जरिए प्रवेश करना पड़ता है।
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मंदिर विस्तारीकरण के लिए एडीएम स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में पांच टीम बनाई गई हैं। 31 अक्तूबर तक ये टीमें चिह्नित भवनों की खरीद, भवन खाली कराने और ध्वस्तीकरण सहित अन्य काम तेजी से पूरा कराएंगी।
- दीपक अग्रवाल, मंडलायुक्त