वाराणसी। उत्तर मध्यक्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की ओर से महात्मा गांधी और लालबहादुर शास्त्री की जयंती पर कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुतियों से स्वरांजलि दी। राजेंद्र प्रसाद घाट पर आयोजित कार्यक्रम में गायन, वादन के साथ ही नृत्य की प्रस्तुतियों से कलाकारों ने दर्शकों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। हर एक प्रस्तुति पर दर्शकों ने भी ताली बजाकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
कार्यक्रम की शुरूआत ध्रुपद गायक आशीष जायसवाल ने गांधी जी के प्रिय भजन वैष्णव जन तो तेने कहिए से हुई। इसके बाद उन्होंने भजन मन फूला फूला फिरे जगत में, कवनों ठगवा नगरिया लूटल हौ और चदरिया झीनी रे झीनी और रामधुन की प्रस्तुति की। तबले पर पंकज राय, हारमोनियम पर पंकज शर्मा, वायलिन पर प्रशांत मिश्र, बांसुरी पर शनीश ने संगत किया। इसके बाद लोक कलाकार शीलू ने आल्हा गायन, छत्तीसगढ़ से आई संप्रिया पूजा ने पांडवानी गायन और फिर राजस्थान की ममता देवी चकरी नृत्य, यूपी से मुकेश और उनकी टीम ने फरुआही नृत्य की प्रस्तुति कर सभी को झूमा दिया। झारखंड के सुबोध प्रमाणिक ने छाऊ नृत्य, बिहार के विमल ओझा ने झिझिया नृत्य प्रस्तुत किया। इससे पहले बतौर मुख्य अतिथि शहर उत्तरी विद्यायक रविंद्र जायसवाल और सांस्कृतिक केंद्र निदेशक इंद्रजीत ग्रोवर ने कार्यक्रम का उदघाटन किया। इस दौरान पंडित विकास महाराज, प्रतिमा सिन्हा, अनुराधा रतूड़ी आदि मौजूद रहे।