लोहता/राजातालाब। प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद ने शनिवार को राष्ट्रीय बीज अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र (आईआरआरआई या इरी) चांदपुर, मंडी, कृषि भवन, टड़ियां पंडितपुर गांव का निरीक्षण किया। इस दौरान 30 किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड बांटे। चावल अनुसंधान केंद्र चांदपुर में बन रहे कंप्यूटर रुम, लैब, लाइब्रेरी, सभागार, फार्म हाउस व मशीनों को देखा।
आईआरआरआई के निदेशक डा उमाशंकर सिंह से प्रगति पूछी। पता चला कि जुलाई के अंतिम सप्ताह तक काम शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा इंटरनेशनल राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट के सहयोग से प्रदेश सरकार यह पता करेगी कि किस क्षेत्र और किस मौसम में कौन सी फसल उगाई जा सकती हैं। इसके साथ बंजर जमीन है, और किस क्षेत्र में बाढ़ ज्यादा आती है। इसके लिए प्रमुख सचिव कृषि ने सहयोग मांगा है ताकि प्रदेश के सभी जिलों की मौसम मिट्टी तथा पानी के लेवल की सही जानकारी होगी। जिससे वहां की फसलों की उत्पादकता बढ़ाई जा सके। उप निदेशक कृषि के कार्यालय पहुंचे प्रमुख सचिव ने आंबेडकर के फोटो पर माल्यार्पण किया। उन्होंने यहां एलीडी लगाने को कहा। इस मौके पर कृषि निदेशक स्वराज सिंह, संयुक्त निदेशक कृषि वाराणसी मंडल एसी शर्मा, उपनिदेशक कृषि राजीव कुमार , जिला कृषि अधिकारी सुभाष मौर्य मौजूद रहे।
ढढोरपुर टड़िया में प्रमुख सचिव कृषि ने किसानों बातचीत की। इस दौरान खेती में कृषि यंत्रों, तकनीकी का प्रयोग करने की सलाह दी। उन्होंने यहां पर किसानों द्वारा लगाई गई उन्नतशील बीजों का स्टाल भी देखा। उन्होंने किसानों के चयन विधि के द्वारा अच्छे बीज उत्पादन की सराहना की। किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड बांटे। इस मौके चंदशेखर, जयप्रकाश सिंह के साथ अरविंद पांडे, देवी शंकर सिंह आदि मौजूद रहे।