कैंट स्टेशन के बाहर यात्री गौतम कुमार
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लॉकडाउन के दौरान शुक्रवार को सूरत से 1136 यात्रियों को लेकर श्रमिक स्पेशल ट्रेन उत्तर रेलवे के कैंट रेलवे स्टेशन पर पहुंची। प्रत्येक यात्रियों की स्वास्थ्य विभाग की टीम ने थर्मल स्क्रीनिंग की। इस दौरान जिला प्रशासन की टीम ने प्रत्येक यात्रियों का नाम, पता और मोबाइल नंबर दर्ज करते हुए राशन किट उपलब्ध कराया।
वाराणसी सहित पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों के इन यात्रियों को रोडवेज बसों के जरिए घर भिजवाया गया। यात्रियों को घर भिजवाने के लिए करीब 45 से अधिक बसों का इंतेजाम किया गया था। कैंट स्टेशन पहुंचते ही यात्रियों ने आरोप लगाया कि टिकट के नाम पर वसूली की गई। 100 से 150 रुपये अतिरिक्त लिए गए। यात्रियों ने यह भी कहा कि मजदूरों को मुफ्त यात्रा कराने के दावे सिर्फ कागजी हैं।
लगभग 45 दिनों के बाद घर पहुंचने वाले यात्रियों के चेहरे पर राहत का भाव था तो वहीं सूरत में जैसे तैसे गुजारे हुए कष्टकारी क्षण भी बातचीत में उभर कर सामने आए। सोनभद्र के गौतम कुमार और फैजाबाद के रमेश कुमार ने बताया कि अभी सूरत में पूर्वांचल के 4 से 5 लाख लोग फंसे हुए हैं।
स्थितियां बेहद कष्टकारी है। लोगों को राशन किट और आवश्यक वस्तुओं के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं अन्य यात्रियों ने बताया कि रास्ते में 23 से 24 घंटे बाद खाने के नाम पर खिंचड़ी और बोतलबन्द पानी दिया गया