वाराणसी। अगले साल 21 से 23 जनवरी तक होने वाले प्रवासी भारतीय सम्मेलन को लेकर भले ही केंद्र-राज्य सरकार बेहद गंभीर हैं मगर स्थानीय प्रशासन की तैयारियां बैठकों से आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। दो महीने से ज्यादा समय में प्रवासियों को ठहराने के इंतजाम ही पूरे नहीं हो पाए हैं। प्रवासियों के स्वागत लिए सड़कों की मरम्मत, शहर की सजावट से लेकर घाटों पर कराए जाने वाले कामों की रफ्तार भी सुस्त है। इस बीच विदेश मंत्रालय की सहमति के बाद ऐढ़े गांव में प्रस्तावित प्रवासी ग्राम में टेंट सिटी का काम शुरू करा दिया गया है। यहां स्विस कॉटेज और टेंट आदि का काम कराया जाएगा।
सम्मेलन में दुनियाभर से पांच हजार से ज्यादा मेहमान वाराणसी आएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो हजार प्रवासियों को काशी आतिथ्य के तहत घरों में ठहराने का लक्ष्य प्रशासन को दिया था। इसके लिए अब तक महज 835 घरों को चयनित किया जा सका है। सड़कों की मरम्मत और सुधार का काम शुरू कराया गया है मगर महमूरगंज-सिगरा मार्ग पर गंगा प्रदूषण इकाई के काम के चलते यह मार्ग बंद पड़ा है। इसके अलावा राज्य सरकार की ओर से शहर में फसाड और फोकस लाइट के लिए बजट जारी करने के बावजूद काम अब तक नहीं शुरू कराया जा सका है। शहर की सबसे बड़ी समस्या जाम पर भी प्रभावी काम शुरू नहीं हो पाया है।
एक दिसंबर से स्कूलों में होंगे आयोजन
मुख्य विकास अधिकारी गौरांग राठी ने बुधवार को सीबीएसई, आईसीएसई और यूपी बोर्ड से जुड़े स्कूलों के प्रधानाचार्यो के साथ बैठक की। इसमें एक दिसंबर से 15 दिसंबर तक स्कूलों में आयोजन की सहमति बनी। पहले सप्ताह वर्ल्ड वीक में स्कूलों में आवंटित राष्ट्र को सम्मानित करते हुए कार्यक्रम होंगे। अगले सप्ताह सांस्कृतिक संकुल में विश्व दिवस का आयोजन किया जाएगा।