वाराणसी। अमिताभ बच्चन रील नहीं रीयल हीरो हैं। सदी के महानायक अमिताभ बच्चन से मिलकर वाराणसी लौटे किसानों ने बुधवार को अपने अनुभव साझा किए। किसानों ने कहा कि उन्होंने न केवल हमारा कर्ज चुकाया बल्कि गर्मजोशी और अपनेपन के साथ मिले। कहा, मुलाकात से उनका जीवन धन्य हो गया। हालांकि किसान ट्रेन की लेटलतीफी से परेशान और खफा नजर आए। लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर काशी एक्सप्रेस के एसी 3 वातानुकूलित के अतिरिक्त कोच से शाम को कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचे। अतिरिक्त बोगी में 51 किसान सहित बैंककर्मी और रेलवे स्टॉफ सवार था।
उत्तर प्रदेश के 1398 किसानों का कर्ज महानायक ने चुकाया। वाराणसी समेत पूर्वांचल के 51 किसानों को अमिताभ ने मुंबई आमंत्रित किया और उनका कर्ज चुकता करने के साथ उन्हें मायानगरी के प्रमुख स्थानों का भ्रमण कराने के साथ ही रात्रि भोज भी कराया। पूर्वांचल के वाराणसी से 10, चंदौली के 34 और भदोही के सात किसानों ने महानायक से मुलाकात की। अमिताभ ने ट्वीट कर इन किसानों का कर्ज चुकाने की जानकारी दी। किसानों का लगभग 10 करोड़ रुपये कर्ज चुकाया। 51 किसानों को ओटीएस (ओटीएस: वन टाइम सेटलमेंट विद बैंक ऑफ इंडिया) प्रमाणपत्र दिए। उनके आने-जाने व रहने-खाने की व्यवस्था महानायक की ओर से की गई थी।