वाराणसी। अस्सी घाट के सामने गंगा पार शनिवार की शाम एक एनजीओ से जुड़ी मूल रूप से अर्जेंटीना की रहने वाली साध्वी से तीन युवकों द्वारा सामूहिक दुराचार की कोशिश का मामला सामने आया है। विदेशी महिला के अनुसार उन्होंने काफी अनुनय-विनय किया और पास मौजूद रुपये युवकों को दे दिए तो तीनों उन्हें छोड़कर भाग निकले। किसी तरह अस्सी घाट स्थित पुलिस चौकी पहुंची विदेशी महिला ने आपबीती पुलिस को सुनाई और बगैर तहरीर दिए ही वापस चली गईं।
अर्जेंटीना निवासिनी 38 वर्षीय महिला ने अस्सी पुलिस चौकी पर बताया कि वह पिछले कई साल से भदैनी में रहती हैं। ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए वे साध्वी हो गई हैं। इसके साथ ही एक एनजीओ से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने भदैनी क्षेत्र में एक दर्जन से ज्यादा लोगों को गुमटी-ठेला दिलाकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है।
बताया कि रोजाना वे अस्सी घाट के सामने गंगा पार साधना करने जाती हैं। शनिवार की शाम भी नाव से गंगा पार पहुंचीं। अंधेरा होने पर तीन युवक आए और उनसे छेड़खानी करने लगे। इसके बाद तीनों ने उनके साथ सामूहिक दुराचार की कोशिश की। छीनाझपटी में उनके चेहरे और गर्दन पर चोट भी आई। तीनों युवकों को उन्होंने अपने ब्रह्मचारिणी होने का हवाला देकर पास मौजूद लगभग एक हजार रुपये उनके सामने रख दिए। तीनों रुपये लेकर मौके से भाग निकले। इसके बाद उन्होंने अपने एनजीओ से जुड़े लोगों को फोन कर घटना की जानकारी दी और नाव से वापस लौटकर अस्सी घाट स्थित पुलिस चौकी पहुंचीं।
इस संबंध में एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि जानकारी मिलने पर इंस्पेक्टर भेलूपुर विदेशी महिला के पास गए थे। उन्होंने फिलहाल कुछ भी बताने से साफ मना किया है। उनका कहना है कि रविवार को वो इंस्पेक्टर से मिलेंगी और जो कुछ भी होगा बताएंगी।
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उमड़ता है रेला लेकिन पुलिस बेपरवाह
जलस्तर कम होने के साथ ही गंगा पार बालू के टीले पर घूमने-फिरने और मौज-मस्ती करने वालों का रेला उमड़ता है। इसे देखते हुए यहां कई अस्थाई दुकानें भी खुल गई हैं। मगर, सुरक्षा के मद्देनजर कोई इंतजाम नहीं हैं। यहां तक कि पुलिस कभी झांकने तक नहीं जाती कि उस पार रेत पर आखिर हो क्या रहा है। ऐसे में किसी भी दिन यहां बड़ी वारदात की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है।
हफ्ते में तीसरी बार ‘अतिथि देवो भव:’ की परंपरा को लगी ठेस
विदेशी पर्यटकों के साथ हो रही वारदातों के कारण हफ्ते भर में तीसरी बार काशी की ‘अतिथि देवो भव:’ की पंरपरा को ठेस पहुंची। बीते रविवार को शिवाला स्थित गेस्ट हाउस में ठहरे छह सदस्यीय फ्रांसीसी पर्यटक दल के साथ मिर्जापुर के लखनिया दरी में छेड़खानी और हिंसा हुई। इसके बाद बुधवार को सारनाथ आए जापानी पर्यटक को फर्जी गाइड ने लूट लिया। पुलिस अभी इनसे उबरी नहीं थी कि शनिवार की शाम अचानक अस्सी घाट के सामने गंगा पार अर्जेंटीना की महिला के साथ लूटपाट और गैंगरेप के प्रयास का मामला सामने आ गया। एक हफ्ते में हुई ये तीन वारदातें ही इस बात की गवाही दे रही हैं कि संस्कृति की राजधानी कही जाने वाली काशी में विदेशी सैलानियों की सुरक्षा के प्रति पुलिस-प्रशासन किस कदर बेपरवाह है।