600 रुपये का यूनिफार्म, 200 रुपये में स्वेटर, 135 रुपये का जूता, 21 रुपये का मोजा और 100 का स्कूल बैग....। महंगाई से जूझ रहे अभिभावक के जख्मों पर 1056 रुपये का सरकारी मरहम लगाया जाएगा। प्रदेश सरकार की ओर से प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को यूनिफार्म के मद में ये रुपये मिलेंगे, लेकिन बढ़ती महंगाई में बच्चों का यूनिफार्म खरीदना मुश्किल है। ऐसा इसलिए कि यूनिफार्म का पूरा सेट तीन से चार हजार रुपये में मिल रहा है।
सरकार परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब छात्र-छात्राओं को मुफ्त यूनिफार्म, जूता मोजा, किताबें, एडीएम आदि उपलब्ध कराती है। ताकि उन्हें शिक्षा संबंधी किसी भी जरूरत के लिए हाथ न फै लाना पड़े। शुक्रवार को अमर उजाला ने शासन द्वारा 1056 में यूनिफार्म खरीद की पड़ताल की और अभिभावकों से बातचीत की तो उन्होंने 1056 रुपये को नाकाफी बताया। कहा कि इस महंगाई में तीन से चार हजार रुपये का यूनिफार्म खरीदना मुश्किल है। अभी बच्चों को बिना यूनिफार्म के विद्यालय भेजेंगे।
मार्केट का रेट
कक्षा एक में पढ़ने वाले बच्चे के लिए अगर कोई यूनिफार्म लेता है तो एक शर्ट, स्कर्ट या हाफ पैंट की कीमत 850 से 900 है। वहीं, मोजे की कीमत 30 से 40 रुपये है। वहीं, अच्छे कंपनी के जूते की बात करें तो इसकी कीमत बाजार में 450-500 और स्कूल बैग 400 से 500 रुपये में है।
कोट
यूनिफार्म के लिए जो कपड़ा आता है उसमें अलग-अलग क्वालिटी होती है। मध्यम या अच्छे क्वालिटी का फैब्रिक का प्रयोग करते है तो सिलाई के बाद भी एक शर्ट 800 से 900 रुपये की होती है। ऐसे ही बड़े बच्चों की ड्रेस की बात करें तो साइज के आधार पर दाम बढ़ते जाते हैं।
- अभिजीत, दुकानदार
एक नजर में आंकड़ा
791 प्राथमिक विद्यालय
133 उच्च प्राथमिक विद्यालय
220 कंपोजिट विद्यालय
1.96 लाख बच्चे
कोट
अब विभाग की ओर से बच्चों को यूनिफार्म व जूता मोजा नहीं दिया जाएगा। इसके लिए सीधे बच्चों के अभिभावकों के खाते में रकम दी जाएगी। धन भेजने की व्यवस्था शुरू करा दी गई है। बच्चों के अभिभावकों की बैंक डिटेल जुटाई जा रही है।
- राकेश सिंह, बीएसए