यूपी फतह के लिए भाजपा गुजरात फॉर्मूला अपनाएगी। 100 से अधिक भाजपा विधायकों के टिकट कटेंगे। एक से अधिक बार विधानसभा पहुंचे विधायकों की रिपोर्ट ज्यादा खराब है। भाजपा के नौ रिपीट फार्मूले के सौ से अधिक विधायक शिकार होंगे। बीते चुनाव में ऐसी सीटों पर 80 फीसदी स्ट्राइक रेट रहा था।
उत्तर प्रदेश में एंटी इंकम्बेंसी को मात देकर जीत की हैट्रिक लगाने के लिए भाजपा ने टिकट वितरण के मामले में सफल गुजरात फार्मूला अपनाने के संकेत दिए हैं। पार्टी ने इस बार बीते चुनाव की तुलना में वर्तमान विधायकों को दोबारा मैदान में उतारने के मामले में और कंजूसी बरतने का संकेत दिया है।
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आगामी चुनाव में पार्टी ने बीते चुनाव का 32 फीसदी की तुलना में 40 फीसदी से अधिक विधायकों का टिकट काटने का मन बनाया है। राज्य की चुनावी रणनीतिक टीम से जुड़े सदस्य ने बताया कि पार्टी लोकसभा चुनाव की गलतियों से सबक लेते हुए सख्ती से गुजरात फार्मूला लागू करेगी।
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आंतरिक सर्वे में 124 विधायकों की रिपोर्ट ठीक नहीं है। इनमें से 40 फीसदी ऐसे विधायक हैं जो कम से कम दो बार चुनाव जीत चूके हैं। जिनकी रिपोर्ट खराब हैं, उन्हें टिकट मिलना बेहद मुश्किल है।
बीते लोकसभा चुनाव में 49 मौजूदा सांसदों पर भरोसा करना पार्टी को भारी पड़ा था। पार्टी इनमें से महज 17 सीटें ही जीत पाई, जबकि बीते विधानसभा चुनाव में गठबंधन ने जिन 104 सीटिंग सीटों पर उम्मीदवार बदले, उनमें से 80 फीसदी सीटों पर जीत हासिल हुई।
सौ विधायकों की रिपोर्ट संतोषजनक
आंतरिक सर्वे में सौ से अधिक विधायक ऐसे भी हैं जिनकी रिपोर्ट संतोषजनक है। पार्टी सूत्र ने कहा कि महज सख्ती की धारणा बनाने के लिए ही टिकट नहीं काटा जाएगा। इसके लिए पार्टी के पास मजबूत आधार होगा।
वह इसलिए कि बीते चुनाव में आंतरिक सर्वे के आधार पर ही गठबंधन ने 214 विधायकों पर पुन: भरोसा जताया था। इनमें से 170 विधायक फिर से जीत दर्ज करने में सफल रहे।
लंबे समय तक सत्ता के लिए सख्ती जरूरी
पार्टी का मानना है कि लंबे समय तक सत्ता में बने रहने के लिए टिकट वितरण में सावधानी बरतना सबसे अहम है। मसलन गुजरात में 2017 के विधानसभा चुनाव में करीब 23 फीसदी विधायकों के ही टिकट काटे, फलस्वरूप पार्टी की सीटों की संख्या 115 से घट कर 99 रह गई।
हालांकि 2022 के चुनाव में पार्टी ने 99 में से जिन 45 सीटों पर विधायकों के टिकट काटे, उनमें 43 सीटों पर जीत मिली और सीटों की संख्या 99 से बढ़कर 156 हो गई।