लखनऊ में मेट्रो की राह साफ हो गई है। गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में
पहले चरण के काम को हरी झंडी दिखा दी गई। डीएमआरसी नवंबर से काम शुरू कर
देगी और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव चाहते हैं कि जून, 2014 से मेट्रो शहर में
दौड़ने भी लेगे।
नवंबर से शुरू होगा काम
शहर के लोगों को मेट्रो ट्रेन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नवंबर से काम शुरू हो जाएगा। पहले चरण में मेट्रो अमौसी से मुंशी पुलिया तक 23 किलोमीटर का सफर तय करेगी। इसमें कुल 21 स्टेशन होंगे जिसमें 3 भूमिगत और 8 एलिवेटेड (जमीन के ऊपर)।
डीएमआरसी की तर्ज पर एलएमआरसी
राज्य सरकार चाहती है कि जून 2014 से मेट्रो शहर में चलने लगे। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को हुई कैबिनेट की बैठक में पहले चरण की परियोजना को मंजूरी दे दी गई है। इसके साथ ही लखनऊ मेट्रो रेल कार्पोरेशन (एलएमआरसी) नाम से विशेष प्रयोजन साधन (एसपीवी) का गठन किया जाएगा, जिसके लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है।
नार्थ साउथ कॉरिडोर 23 किलोमीटर लंबा होगा। अमौसी एयरपोर्ट से मुंशी पुलिया तक मेट्रो जाएगी। इसमें चारबाग से हजरतंज तक भूमिगत यानी कुल तीन किलोमीटर भूमिगत मेट्रो चलेगी।
ये होगा रूट
नार्थ-साउथ में अमौसी, एयरपोर्ट, ट्रांसपोर्ट नगर, कृष्णा नगर, सिंगार नगर, आलमबाग, आलमबाग बस स्टेंशन, दुर्गापुरी, चारबाग, हुसैनगंज, सचिवालय, हजरतगंज, केडी सिंह बाबू स्टेडियम, लखनऊ विश्वविद्यालय, आईटी कॉलेज, महानगर, बादशाह नगर, लेखराज मार्केट, रामसागर मिश्र कॉलोनी, इंदिरा नगर, मुंशी पुलिया तक मेट्रो जाएगी।