मामला बाराबंकी का है। लोनीकटरा के कस्बा भिलवल निवासी एक दंपती के कोई पुत्र नहीं है। पुत्र की चाहत में उनकी आंखों पर ऐसा पर्दा पड़ा कि वो ढोंगी और साध़ु में फर्क ही नहीं कर पाए। और, हो गए ठगी के शिकार।
साधु के भेष में आए ठग
मंगलवार दोपहर गांव आए साधु वेशधारी दो ढोंगी बाबाओं ने पहले दोनों का हाथ देखा और पूजा से पुत्र प्राप्ति का दावा किया। पूजा में जो पैसे खर्च किए, वो तो ठीक। लेकिन, ढोंगियों की बातों में भी आ गए। एक के बाद एक दंपति उनकी बातें मानने लगे।
आटे की लोई में रखवा लिए गहने
दोनों के राजी होने पर आटे की लोई बनाकर उसमें घर के सभी गहने रखवाए और पूजा के बाद दोनों से आटे की लोई को आग में रखकर आंख बंद रखने को कहा। उसके बाद ढोंगियों ने दोनों से दूसरे कमरे में जाने को कह दिया।
न मिले साधु, न मिली माया
कुछ देर तक सन्नाटा पसरा रहा। उसके बाद, दोनों लौटकर कमरे में पहुंचे तो न वहा साधु मिले न माया। चंद्रपाल ने बताया कि बक्से में रखे दस हजार रुपये नकद व 80 हजार के जेवर लेकर फरार हो गए थे।