उत्तरप्रदेश में 72825 सहायक अध्यापकों के चयन और नियुक्ति के मामले में दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई के लिए अब नई बेंच बनेगी।
सोमवार को इन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति सुशील हरकौली और न्यायमूर्ति मनोज कुमार मिश्र की खंडपीठ ने याचिकाओं को रिलीज कर दिया।
खंडपीठ ने इस प्रकरण पर दूसरी बेंच गठित करने के लिए मामले को मुख्य न्यायाधीश के समक्ष संदर्भित किया है।
उल्लेखनीय है कि टीईटी को लेकर सैकड़ों अभ्यर्थियों ने रिट याचिकाएं दाखिल की हैं। खंडपीठ के समक्ष विचारणीय प्रश्न है कि सहायक अध्यापकों के चयन का आधार टीईटी का प्राप्तांक होना चाहिए या फिर प्रदेश सरकार द्वारा घोषित शैक्षणिक गुणांक।
र्व में जारी विज्ञापन में चयन का आधार टीईटी प्राप्तांक को रखा गया था। सपा सरकार ने पुराने विज्ञापन को रद करते हुए नई व्यवस्था करते हुए चयन का आधार शैक्षणिक गुणांक कर दिया।
तमाम अभ्यर्थी इस मामले को लेकर हाईकोर्ट चले गए।
इसी मामले पर फुलबेंच ने टीईटी को सहायक अध्यापक भर्ती के लिए अनिवार्य करार दिया है।
उल्लेखनीय है कि टीईटी को लेकर सैकड़ों अभ्यर्थियों ने रिट याचिकाएं दाखिल की हैं।
खंडपीठ के समक्ष विचारणीय प्रश्न है कि सहायक अध्यापकों के चयन का आधार टीईटी का प्राप्तांक होना चाहिए या फिर प्रदेश सरकार द्वारा घोषित शैक्षणिक गुणांक।
पूर्व में जारी विज्ञापन में चयन का आधार टीईटी प्राप्तांक को रखा गया था।
सपा सरकार ने पुराने विज्ञापन को रद करते हुए नई व्यवस्था करते हुए चयन का आधार शैक्षणिक गुणांक कर दिया। तमाम अभ्यर्थी इस मामले को लेकर हाईकोर्ट चले गए।
इसी मामले पर फुलबेंच ने टीईटी को सहायक अध्यापक भर्ती के लिए अनिवार्य करार दिया है।