इसी तरह एपीएस-2010 की परीक्षा में पूर्व अध्यक्ष अनिल यादव का विवादित प्रस्ताव चर्चा में था। उनके कार्यकाल में प्रस्ताव पारित किया गया था कि परीक्षा के बाद भी अभ्यर्थियों से ट्रिपल-सी का सर्टिफिकेट लिया जा सकता है, जबकि यह नियम विरुद्ध था। इस प्रस्ताव के तहत परीक्षा के बाद भी अभ्यर्थियों से सर्टिफिकेट लेकर उनका चयन किया गया। प्रस्ताव की कॉपी अब सीबीआई के कब्जे में है।
इसी तरह के विवादित फैसलों के आधार पर सीबीआई सुबूत जुटा रही है। पीसीएस-2015 के चयनितों और आयोग के पूर्व एवं वर्तमान अफसरों से पूछताछ के दौरान भी सीबीआई को अहम सुराग मिले हैं। सूत्रों का कहना है कि इन्हीं सुबूतों के आधार सीबीआई अब पूर्व अध्यक्ष से पूछताछ करने की तैयारी में है।
सीबीआई का यूपीपीएससी में शनिवार को भी तलाशी अभियान जारी रहा। सीबीआई ने आयोग के आठ अनुभागों में छानबीन की। सूत्रों का कहना है कि सीबीआई टीम रविवार को भी नौवें अनुभाग में तलाशी अभियान जारी रखेगी। सूत्रों के मुताबिक शनिवार को तलाशी के दौरान सीबीआई को मॉडरेशन, स्केलिंग आदि से जुड़े कई ऐसे दस्तावेज मिले, जो परीक्षाओं में गड़बड़ी की ओर से साफ इशारा कर रहे हैं। सीबीआई ने यह दस्तावेज जब्त कर लिए हैं।