उस पिता की सोचिए, जिसके जवान बेटे की हत्या कर दी गई। चार दिन बाद लाश नाले से बरामद होती है।
उस लाश को बजाय सील करने के पुलिसकर्मी निर्वस्त्र हाल में, जेसीबी पर टांगकर जिला अस्पताल की मोर्चरी तक पहुंचाते हैं।
संवेदनहीनता का यह चरम रविवार को उत्तर प्रदेश के फीरोजाबाद की सड़कों पर चार किलोमीटर तक बेपर्दा होता रहा।
इतना ही नहीं जब रास्ते में पिता ने लाश को उतरवा कर सम्मानजनक ढंग से पहुंचाने की पेशकश की तो उनकी एक न सुनी।
रविवार सुबह नालबंदान क्षेत्र में लोगों ने अज्ञात युवक का शव नाले में पड़ा देखा। सूचना पर पुलिस आई और नगर पालिका से जेसीबी मंगवाकर शव निकलवाया।
इसके ‘पंजे’ में शव जिस हाल निकला, उसी हाल में जेसीबी से ही जिला अस्पताल भेजा गया, तभी लाइनपार के मोहल्ला ओमनगर चंद्रवारगेट निवासी जितेंद्र जोशी वहां आए।
उन्होंने शव की शिनाख्त चार दिन से लापता अपने बेटे शिवम (18) के रूप में की। वह चाट बेचा करता था। उन्होंने जेसीबी से शव उतरवाने का प्रयास भी किया लेकिन साथ चल रहे पुलिसकर्मियों ने जेसीबी को रुकने न दिया।
कूड़े के बीच जेसीबी के पंजे में टंगा शव लेकर पुलिस शिकोहाबाद अड्डा, जाटवपुरी, नगला बरी से हाईवे होते हुए करीब चार किलोमीटर दूर जिला अस्पताल पहुंची।
इस दौरान जिसने भी शव की दुर्गति देखी, पुलिस को कोसने लगा। मौके पर आए दारोगा और एसओ ने भी सिपाहियों को लाश वहीं उतरवा कर सील कराने और सम्मानजनक ढंग से भेजने के लिए नहीं कहा।
एसपी को जानकारी हुई तो उन्होंने थाना रसूलपुर में तैनात सिपाहियों विजयपाल सिंह और मान सिंह को निलंबित कर दिया।
शव का पंचनामा जिला अस्पताल में भरा गया और पोस्टमार्टम हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक शिवम की हत्या गला काटकर की गई।