थुलथुल शरीर और निकली हुई तोंद। अधिकांश पुलिसवाले का हुलिया कुछ ऐसा ही है। इससे विभाग के आला अफसर दुखी हैं, लिहाजा एडीजी लॉ एंड आर्डर की तरफ से नया फरमान जारी किया गया है।
इसके तहत अब पुलिसवालों को थुलथुल शरीर को छरहरा और तोंद को कम कर ‘सिंघम’ बनना होगा। फिजिकली ट्रेनिंग के लिए उनका कोई बहाना नहीं चलेगा। पुलिस लाइंस में 50 मिनट परेड, योग और पीटी की क्लास करनी होगी।
एडीजी ने इस संबंध में एसएसपी को निर्देशित किया है। साथ ही सख्ती से अमल में लाने को कहा है। गाजियाबाद पुलिस के अधिकांश जवान मोटे और तोंदू हैं।
यह हाल इंस्पेक्टरों से लेकर कांस्टेबल तक का है। ऐसे पुलिसकर्मी परेड में जाने से भी कतराते हैं, इनकी कोशिश रहती है कि परेड से किसी तरह से नाम निकल जाए।
जिले में करीब साढ़े तीन हजार पुलिसकर्मी हैं, इनमें चंद महिला पुलिसकर्मियों को छोड़ दें तो अधिकांश पुलिसवाले तोंदू हैं। खासकर पुराने सिपाही और दारोगा स्तर के पुलिसवालों में बढ़े पेट वालों की तादाद ज्यादा है।
हालत यह है कि तोंद और नियमित व्यायाम नहीं करने के कारण शारीरिक खामियां इनकी कार्यशैली में भी साफ नजर आती हैं।
एसएसपी नितिन तिवारी भी स्वीकारते हैं कि नियमित व्यायाम और परेड न करने से पुलिसकर्मियों के पेट निकल जाते हैं। उन्होंने बताया कि अब परेड करनी पड़ेगी और समय भी 10 मिनट बढ़ाया गया है।
ये हैं दिशा-निर्देश
- 50 मिनट परेड करनी होगी
- पीटी और योग की क्लास चलेंगी
- शस्त्रों का रखरखाव और आंसू गैस का प्रयोग सीखेंगे
- फर्स्ट एड के बारे में जानेंगे