एक युवक ने अपनी प्रेमिका के प्यार को हासिल करने के लिए एक किशोर के अपहरण की साजिश रची। और उसमें प्रेमिका के पुराने आशिक को फंसाने के लिए फेसबुक का इस्तेमाल किया।
फेसबुक से पुराने आशिक का फोटो लेकर युवक ने एक फर्जी आईडी बनाई और एक सिम कार्ड खरीदा। फिर उस नंबर से अपहृत किशोर के पिता से 10 लाख की फिरौती मांग ली।
पुलिस ने कड़ियां जोड़ीं तो पूरी साजिश की परतें खुलती चली गईं। इस मामले में तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है। मामला उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर का है।
मुजफ्फरनगर के आफताब का मोहल्ले की ही एक लड़की से पिछले छह साल से प्रेम-प्रसंग चल रहा था, लेकिन डेढ़ साल पहले दोनों के संबंधों में दरार आ गई।
बाद में युवती का मोहल्ले के ही शहजाद से अफेयर शुरू हो गया। आफताब ने इसका विरोध किया, लेकिन बात नहीं बनी।
मोहब्बत के लिए साजिश
आफताब को मोहब्बत में रोड़ा मानते हुए शहजाद ने फंसाने के लिए चाल चली। शहजाद ने अपने साथी आबिद की मदद से फेसबुक से आफताब का फोटो कॉपी किया।
फर्जी आईडी तैयार कर सिटी सेंटर मार्केट से सिम खरीद लिया। इसके लिए मोबाइल भी नया खरीदा गया।
फिर उसने अपहृत शाहजेब के पिता नफीस का मोबाइल नंबर हासिल किया। सिम में नफीस का नंबर फीड किया और फिर बेटे की सकुशल बरामदगी के लिए 10 लाख की फिरौती का एक एसएमएस उसके नंबर पर भेज दिया। इसके बाद सिम निकालकर आफताब के घर में फेंक दिया।
वह सिम आफताब को मिल गया। उसने जैसे ही सिम मोबाइल में डाला, सर्विलांस की पकड़ में आ गया। फिरौती का एमएमएस आने के बाद पुलिस पहले से ही उस नंबर पर नजर रखे हुए थी।
पुलिस तत्काल आफताब तक पहुंच गई, लेकिन पूछताछ में अपहृत बच्चे और फिरौती के बारे में कुछ पता नहीं चला।
आफताब का बैक ग्राउंड खंगालते हुए पुलिस कड़ियां जोड़कर प्रेमिका और फिर उसके नए प्रेमी शहजाद तक पहुंच गई।
पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो शहजाद ने सच्चाई उगल दी। इसके बाद आबिद को भी हिरासत में ले लिया गया।
पुलिस ने साजिश रचने और फिरौती मांगने के लिए तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।