उत्तर प्रदेश सरकार में दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री आबिद खां दरगाह आला हजरत से बाहर कर दिए गए।
सज्जादानशीन मौलाना सुब्हान रजा खां (सुब्हानी मियां) ने मंगलवार शाम आबिद खां से सारे रिश्ते तोड़ने का ऐलान करने के साथ ही उनके दरगाह में आने पर भी पाबंदी लगा दी।
आबिद खां को उन्होंने अपने सचिव पद से भी हटा दिया है।
आबिद खां को इसी वर्ष चार जनवरी को राज्य एकीकरण परिषद का उपाध्यक्ष बनाया गया था। सुब्हानी मियां के इस फैसले के बाद आबिद खां की लाल बत्ती पर खतरा बढ़ गया है।
फैसले के कारणों का जिक्र करते हुए सुब्हानी मियां ने बयान जारी कर कहा है कि उन्हें बराबर खबर मिल रही थी कि आबिद खां जगह-जगह जाकर मस्जिदों और मजहबी जलसों में गैर शरई सियासी नारे लगा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वह गैर मसलकी काम भी अंजाम दे रहे हैं। यही नहीं, आबिद खां खुद को हर जगह उनका सचिव और दरगाह आला हजरत का प्रवक्ता बता रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आबिद खां को लाल बत्ती दिए जाने पर उनकी रजामंदी सुन्नी बरेलवी मुसलमानों के शासन व प्रशासन में काम आसानी से होने और उन्हें इंसाफ दिलाने के लिहाज से थी। लेकिन जिन उम्मीदों से आबिद खां को लाल बत्ती लेने की इजाजत दी थी, उस पर वह मुस्लिम समाज व दरगाह आला हजरत के मानने वाले अनुयायियों की आशाओं पर खरे नहीं उतरे। आबिद खां की इन्हीं गैर मसलकी हरकतों को देखते हुए उनसे और उनकी लाल बत्ती से अपने तमाम रिश्ते खत्म कर लिए हैं।