उत्तरप्रदेश सरकार ने तबादला नीति 2013-14 गुरुवार को जारी कर दिया। इसके तहत मौजूदा स्थानांतरण सत्र में सभी श्रेणी के कर्मियों के 15 मई तक तबादले किए जा सकते हैं।
नई तबादला नीति में महत्वपूर्ण बात यह है कि सरकार ने अधिकारी संवर्ग में आने वाले विभिन्न श्रेणी के कर्मियों के तबादले का अधिकार विभागाध्यक्ष को दे दिया है। अब तक यह अधिकार शासन के पास था।
स्थानांतरण नीति के प्रावधानों के तहत किसी भी विभाग के 10 फीसदी से ज्यादा कर्मियों के तबादले नहीं किए जा सकेंगे।
रिटायरमेंट के दो वर्ष पहलेग श्रेणी के कर्मी (क्लर्क, जूनियर इंजीनियर और इंस्पेक्टर संवर्ग) अपने गृह जिले में तैनाती पा सकते हैं,
जबकि समूह क (आईएस, पीसीएस और लेखा संवर्ग के अधिकारी, मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता) एवं ख (डीएसओ, आरटीओ, डीआईओएस, वाणिज्यकर अधिकारी, अधिशासी अभियंता ) श्रेणी के कर्मियों का तबादला जिले के बाहर लेकिन मंडल के अंदर और मनचाहे जिले में हो सकेगा।
समूह क एवं ख के ऐसे कर्मचारी जिन्होंने जिले में छह वर्ष व मंडल में 10 वर्ष पूरा कर लिया है उन्हें स्थानांतरित कर दिया जाएगा। नि:शक्त कार्मियों को स्थानांतरण नीति से मुक्त रखा गया है।