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यूपी में गंगा और यमुना ने मचाई जबरदस्त तबाही

Sun, 25 Aug 2013 12:48 AM IST
इलाहाबाद/ वाराणसी/ब्यूरो
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उत्तर प्रदेश में वाराणसी और इलाहाबाद में उफनायी गंगा और यमुना ने जबरदस्त तबाही मचाई है। शहर से लेकर गांवों तक स्थिति अनियंत्रित हो गई है। उग्र रूप धारण कर चुकी दोनों नदियों ने पिछले 35 वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
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बाढ़ में हजारों मकान जलमग्न हो गए हैं तो दर्जनों धराशायी हो चुके हैं। उधर, वाराणसी और आसपास के जिलों में भी गंगा नदी में आई बाढ़ का कहर शुरू हो गया है। मिर्जापुर में बाढ़ से 223 गांव प्रभावित हैं।

गाजीपुर के धरमपुरा में बाढ़ के पानी में बह जाने से एक अधेड़ की मौत हो गई। भदोही के बेरासपुर में दो मकान ढह गए।

केंद्रीय जल आयोग और सिंचाई विभाग बाढ़ प्रखंड अधिकारियों का मानना है कि दोनों नदियों के जलस्तर में अभी और वृद्धि के आसार हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि जलस्तर में रविवार शाम तक वृद्धि जारी रहेगी। इसके बाद ही राहत मिलने की उम्मीद है।
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हालांकि जलस्तर वृद्धि की रफ्तार में शनिवार को कुछ कमी आई। इससे लोगों को कुछ राहत मिली लेकिन खतरा अभी बरकरार है। आयोग और सिंचाई विभाग के आंकड़ों के मुताबिक गंगा-यमुना का जलस्तर 86 मीटर को पार कर गया है।

शनिवार सुबह गंगा का जलस्तर फाफामऊ में 86.030 मीटर और छतनाग में 85.290 मीटर था जो शाम छह बजे तक बढ़कर 86.240 मीटर और 85.460 मीटर पर दर्ज किया गया।

यमुना का जलस्तर 85.860 मीटर से बढ़कर शाम को 86.080 मीटर तक पहुंच गया। नदियों के जलस्तर में अभी और वृद्धि होने की संभावना है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता जेपी वर्मा के मुताबिक जलस्तर दो सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है।
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