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PM Modi in Saharanpur: पीएम मोदी का मास्टरस्ट्रोक, आंकड़ों में जानें मतदान के दिन उनकी रैलियों का कितना असर?

सार

आज उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले फेज में मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, हापुड़, बागपत, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर, शामली, अलीगढ़, मथुरा और आगरा में आज मतदान हो रहा है। इन 11 जिलों की 58 सीटों पर कुल 623 प्रत्याशी मैदान में हैं।
 
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सहारनपुर में बड़ी चुनावी रैली की। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सहारनपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एक बड़ी चुनावी रैली की। प्रधानमंत्री के रैली स्थल से महज 60 किलोमीटर दूर शामली, मुजफ्फरनगर जैसे जिलों में मतदान भी चल रहा है। सियासी गलियारों में प्रधानमंत्री की इस चुनावी रैली की खूब चर्चा हो रही है। ये पहली बार नहीं है, जब प्रधानमंत्री वोटिंग के दिन मतदान वाले जिले के आसपास रैली कर रहे हैं। पिछले आठ साल में मतदान के दौरान ऐसा कई बार हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी के इस मास्टरस्ट्रोक के पीछे राज क्या है? वे किस तरह वोटिंग के दिन रैलियां कर अवसरों को भुनाने में माहिर हैं, पढ़िए ये विशेष रिपोर्ट...
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पहले जान लीजिए पिछले आठ साल के आंकड़े

सहारनपुर में रैली को संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : अमर उजाला
2014 लोकसभा चुनाव 
गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी लोकसभा चुनाव लड़ रहे थे। भाजपा की तरफ से उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया गया था। मोदी खुद वाराणसी से लोकसभा चुनाव लड़ रहे थे। नौ अलग-अलग फेज में चुनाव हुआ। 
  • पहला फेज : सात अप्रैल को असम और त्रिपुरा में पहले फेज की वोटिंग हुई। ठीक वोटिंग के दिन प्रधानमंत्री ने असम के पड़ोसी राज्य मणिपुर और त्रिपुरा के पड़ोसी राज्य मिजोरम में बड़ी चुनावी रैलियां कीं। असम में भाजपा ने 14 में से सात सीटें जीत लीं। 
  • दूसरा फेज : नौ और 11 अप्रैल को दूसरे फेज की वोटिंग हुई। नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मणिपुर और मिजोरम में मतदान हुआ। इस दिन प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में जनसभा की। 11 अप्रैल को दिल्ली और उत्तर प्रदेश में रैली हुई। तब भाजपा को अरुणाचल की दो में से एक सीट मिली। 
  • तीसरा फेज : 10 अप्रैल को तीसरे फेज की वोटिंग केरल, दिल्ली, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और जम्मू में हुई। इस दिन पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश में तीन बड़ी रैलियां कीं।
  • चौथा फेज : 12 अप्रैल को चौथे फेज की वोटिंग गोवा, असम, त्रिपुरा और सिक्किम में हुई। तब मोदी ने पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में सभाएं कीं।
  • इसी तरह पांचवे, छठवें, सातवें, आठवें और नौंवे फेज में वोटिंग के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मतदान वाले राज्य या जिले के आसपास ही चुनावी रैली को संबोधित किया था। इसका असर ये रहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा को 71, उत्तराखंड में सभी पांच, राजस्थान में 25, महाराष्ट्र में 22, मध्य प्रदेश में 27, कर्नाटक में 17, झारखंड में 12, जम्मू कश्मीर में तीन, हिमाचल प्रदेश में चार, हरियाणा में सात, गुजरात में सभी 26, दिल्ली की सभी सात, गोवा की सभी दो, छत्तीसगढ़ की 10 सीटों पर जीत मिली।  

2018 कर्नाटक चुनाव
12 मई 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेपाल के पशुपतिनाथ पहुंचे थे। उस दिन कर्नाटक में सिंगल फेज का चुनाव था। मोदी के अचानक नेपाल पहुंचने का कार्यक्रम भी पूरे देश में चर्चा का विषय बना रहा। कर्नाटक में भाजपा को 104 सीटें मिलीं और कांग्रेस को सत्ता गंवाना पड़ा।      

2019 लोकसभा चुनाव
2019 में सात चरणों में लोकसभा चुनाव हुए। 11 अप्रैल, 18 अप्रैल, 23 अप्रैल, 29 अप्रैल, छह मई, 12 मई और 19 मई को मतदान हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 मई को छोड़कर मतदान वाले सभी दिन बड़ी-बड़ी चुनौवी रैलियां कीं। 19 मई को जब आखिरी फेज का मतदान हो रहा था, तब भी नरेंद्र मोदी ही मीडिया में छाए हुए थे। वोटिंग से ठीक एक दिन पहले अचानक मोदी केदारनाथ पहुंच गए। यहां उन्होंने गुफा में ध्यान किया। वोटिंग वाले दिन यानी 19 मई को वे केदारनाथ से अचानक बद्रीनाथ धाम पहुंच गए। मतलब मतदान के बावजूद पूरे दिन केवल मोदी की ही चर्चा होती रही। हर किसी के जुबां पर मोदी छाए हुए थे।  नतीजे आए तो भाजपा 2014 से भी ज्यादा सीटें हासिल करने में कामयाब रही। भाजपा को 303 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस को 52 सीटों से ही संतोष करना पड़ा। 

2020 बिहार चुनाव  
तीन चरणों में चुनाव हुआ। भाजपा ने 110 सीटों पर चुनाव लड़ा था और इनमें 74 पर जीत मिली थी। 2015 के मुकाबले 21 सीटों का फायदा हुआ था। वहीं, 2015 में आरजेडी और कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ने वाली जेडीयू ने वापस भाजपा का साथ पकड़ लिया। जेडीयू ने 2020 में 43 सीटें जीतने में कामयाबी पाई। इस तरह से भाजपा और जेडीयू ने मिलकर सरकार बनाई। 

2021 में पांच राज्यों में हुए चुनाव
असम, पश्चिम बंगाल, केरल, पुडुचेरी और तमिलनाडु में 2021 में एकसाथ चुनाव हुए हुए थे। तब भाजपा का फोकस पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में ज्यादा था। तमिलनाडु और केरल में भाजपा का ज्यादा जनाधार नहीं है, इसलिए नेताओं ने ज्यादा कोशिश भी नहीं की। खैर, मोदी का बंगाल, असम और पुडुचेरी में एक्टिव रहने का फायदा भाजपा को मिला। बंगाल में भाजपा के पास केवल तीन सीटें थीं, वहां 2021 में 71 सीटें जीत लीं। असम में भाजपा ने दोबारा सरकार बनाने में कामयाबी हासिल की। पुडुचेरी की सरकार में भी पहली बार भाजपा शामिल हुई। 
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वोटिंग के दिन ही क्यों करते हैं रैली?

सहारनपुर में रैली को संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वोटिंग के दिन चुनावी रैली क्यों करते हैं? इस सवाल का जवाब राजनीतिक विश्लेषक रमाशंकर श्रीवास्तव ने दिया। वे कहते हैं, 'उत्तर प्रदेश समेत कई बड़े राज्यों में कई चरणों में मतदान होता है। खासतौर पर उत्तर प्रदेश में एक या दो फेज में चुनाव संभव नहीं है। जहां, मतदान होता है, वहां उसके दो दिन पहले से चुनाव प्रचार-प्रसार पर रोक लग जाती है, लेकिन जहां अगले फेज में चुनाव होते हैं, वहां इस तरह की कोई रोक नहीं होती। प्रधानमंत्री मोदी इसे भुनाने में माहिर हैं। ज्यादातर वोटर्स दोपहर के बाद ही वोट देने जाते हैं और तब तक प्रधानमंत्री मोदी अपनी रैली कर लेते हैं।'

वे बताते हैं, 'पीएम मोदी की रैली का असर उन वोटर्स पर पड़ता है, जो किसी पार्टी या विचारधारा से नहीं जुड़े होते हैं। अगर उन्होंने किसी को वोट देने का फैसला ले भी लिया होता है तो वह अंतिम समय में भाषण को सुनकर अपना मन बदल लेते हैं।'

इस बार भी रैली करने में मोदी आगे
चुनाव आयोग की तरफ से चुनावी रैलियों पर रोक लगाने से पहले ही प्रधानमंत्री मोदी 13 बड़ी रैलियां कर चुके थे।

मतदान के एलान से पहले कर चुके 13 बड़ी रैलियां
  • 16 नवंबर: सुल्तानपुर में 341 किमी लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया।
  • 19 नवंबर: बुंदेलखंड दौरे में महोबा का अर्जुन बांध परियोजना का उद्घाटन किया।
  • 19 नवंबर: झांसी में डिफेंस कॉरिडोर देश को सौंपा। झांसी के जरिए बुंदेलखंड को सौगात दी।
  • 20 नवंबर: लखनऊ में डीजीपी-आईजी सम्मेलन में शामिल हुए। दो दिन लखनऊ में रहे।
  • 25 नवंबर: जेवर में जनसभा संबोधित की। जेवर एयरपोर्ट का शिलान्यास किया।
  • 7 दिसंबर: गोरखपुर के एम्स के अलावा एक बड़ा फर्टिलाइजर प्लांट का लोकार्पण किया।
  • 11 दिसंबर: बलरामपुर में 9,600 करोड़ के सरयू कनाल प्रोजेक्ट का लोकार्पण किया।
  • 14 दिसंबर : वाराणसी में 339 करोड़ के काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर का लोकार्पण किया।
  • 18 दिसंबर: शाहजहांपुर में गंगा एक्सप्रेस-वे की आधारशिला रखी।
  • 21 दिसंबर: प्रयागराज के परेड मैदान में दो लाख से अधिक महिलाओं को संबोधित किया।
  • 23 दिसंबर: काशी में पीएम की जनसभा हुई। इस दौरान उन्होंने काशी को 1500 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात दी।
  • 28 दिसंबर: कानपुर में करीब 3 घंटे रहे। आईआईटी के दीक्षांत समारोह और फिर निराला नगर रेलवे मैदान में लोकार्पण और शिलान्यास किया।
  • 2 जनवरी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरठ को 700 करोड़ की लागत से बनने वाले खेल विश्वविद्यालय की सौगात दी।
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