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UP Election 2022 : मायावती कहां हैं, कहीं भाजपा ने उन्हें एजेंसियों का डर तो नहीं दिखाया? पढ़िए डिप्टी सीएम केशव ने क्या जवाब दिया

Sun, 09 Jan 2022 12:23 PM IST
हिमांशु मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

उत्तर प्रदेश में चुनावी बिगुल बज चुका है। 10 फरवरी को पहले फेज की वोटिंग होगी। इसके बाद 14, 20, 23, 27 फरवरी, तीन और सात मार्च को वोट पड़ेंगे। चुनाव की तिथियां घोषित होने के बाद सियासी हलचलें और भी तेज हो गईं हैं।
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बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बसपा सुप्रीमो मायावती ने लंबे समय से चुनावी सभाओं को संबोधित नहीं किया। इसको लेकर गृहमंत्री अमित शाह भी मायावती पर हमला कर चुके हैं। विपक्ष के खेमे में चर्चा है कि मायावती को भाजपा ने जांच एजेंसियों का डर दिखाया है। इस आरोप पर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने जवाब दिया। एक टीवी इंटरव्यू में उनसे सवाल पूछा गया, 'मायावती कहां हैं? कहीं उन्हें भाजपा ने एजेंसियों का डर दिखाकर घर तो नहीं बैठा दिया है? पढ़िए डिप्टी सीएम ने क्या जवाब दिया...
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केशव ने कहा- ये हमारा काम नहीं
मायावती को लेकर हुए सवाल का जवाब देते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, 'ये काम कांग्रेस, सपा और बसपा करती थीं। उनका ये काम था। हमारा ये काम नहीं है कि हम किसी को एजेंसी का डर दिखाएं। हमारा काम है जनता की सेवा करना। प्रधानमंत्री ने सबका साथ, सबका विकास का मंत्र दिया है। उसी को लेकर हम काम करते हैं।' 

केशव मौर्य ने आगे कहा, 'कोरोना संक्रमण काल में प्रधानमंत्री ने भाजपा के एक-एक कार्यकर्ता को महामंत्र दिया था। उन्होंने कहा था कि राजनीति में हमारा काम केवल चुनाव लड़कर, सरकार बनाकर और सत्ता मिलने पर सुख भोगने और उसका दुरुपयोग करना नहीं है। राजनीति के माध्यम से भी समाज की सेवा करना ही हमारा परमधर्म है। इसलिए हम हमेशा से जनता के बीच रहे और उनके सुख दुख में रहे। जनता से हम कभी दूरी नहीं रहे। जो जनता से दूर रहे... उन्हें जनता ने दूर कर दिया है।' 
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गृहमंत्री शाह ने साधा था निशाना
गृहमंत्री अमित शाह ने 30 दिसंबर को उन्नाव, मुरादाबाद और अलीगढ़ में चुनावी सभा को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने कहा था, 'विकास तो बबुआ के बस की बात नहीं है और बुआ जी तो अभी तक ठंड के कारण बाहर ही नहीं निकल पाईं हैं। अरे... बहनजी चुनाव के मैदान में आ जाइए बाद में मत कहना प्रचार नहीं करने दिया। ये बुआ, बबुआ और बहन तीनों मिलकर एकसाथ भी आ जाएं तो भी बीजेपी कार्यकर्ताओं से नहीं जीत सकते हैं।'
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