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उत्तर प्रदेश चुनाव: 'हवा' में हो रही हैं सियासी मुलाकातें और लगने लगते हैं गठबंधन के कयास!

सार

प्रियंका गांधी और जयंत चौधरी की मुलाकात को लेकर जो राजनीतिक हवाबाजी हो रही थी उसका थोड़ी ही देर बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पटाक्षेप कर दिया। अखिलेश यादव ने बताया कि उनका और रालोद का गठबंधन हो चुका है। हालांकि इस गठबंधन के बारे में समाजवादी पार्टी की ओर से औपचारिक एलान तो कर दिया गया, हालांकि इसकी स्वीकारोक्ति या खंडन राष्ट्रीय रालोद की ओर से नहीं आया है...
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लखनऊ एयरपोर्ट पर प्रियंका गांधी और जयंत चौधरी - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश चुनाव में राजनीतिक कयास अब 'हवा' में लगने लगे हैं। प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव हवाई जहाज में मिले तो राजनीतिक हवाबाजी वाले कयास शुरू हो गए थे। जयंत चौधरी और प्रियंका गांधी जब एक साथ जहाज से उड़े तो 'हवा' में ही कयास लगने लगे। हालांकि इन कयासों की जमीन पर कोई खास अहमियत नहीं दिखती। जयंत चौधरी और प्रियंका गांधी के एक साथ एक ही जहाज से दिल्ली के लिए उड़ान भरने के बाद लगने वाले कयासों का खंडन तो अखिलेश यादव ने अपनी एक सभा में कर दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में जब तक चुनाव होंगे, तब तक ऐसे ना जाने कितने कयासबाजियां हवा में ही लगती रहेंगी। यह बात दीगर है कि उनके परिणाम जमीन पर कुछ और ही होते हैं।

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बीते दिनों अखिलेश यादव और प्रियंका गांधी लखनऊ से दिल्ली के सफर के दौरान एक ही हवाई जहाज में थे। दोनों की दुआ सलाम हुई। फोटो वायरल हुआ और राजनैतिक गलियारों में तमाम तरह के कयास लगने लगे। राजनीतिक विश्लेषक एचएस पवार कहते हैं, कयास लगाने वाले भी कोई और नहीं बल्कि उनकी ही पार्टी के लोग होते हैं, जिन्हें हकीकत का अंदाजा होता है लेकिन कुछ दिनों तक ऐसी मुलाकातें सुर्खियों में रहने का एक तरीका जरूर बन जाती हैं। पवार के मुताबिक समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन का जो अंजाम हुआ वह सब जानते हैं। ऐसे में विधानसभा चुनाव से पहले ऐसे किसी भी गठबंधन की कोई उम्मीद दूर-दूर तक नजर नहीं आ रही। लेकिन लोग हैं तो हवा में कयास लगाते ही रहेंगे।

चुनाव के दौरान ऐसी मुलाकातों की अकसर होती है चर्चा

रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी प्रियंका गांधी से लखनऊ हवाई अड्डे पर मिलते हैं। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के जहाज में प्रियंका गांधी, भूपेश बघेल और जयंत चौधरी समेत दीपेंद्र हुड्डा दिल्ली का सफर करते हैं। उनके नाम से एक बार फिर हवा में कयास लगने लगते हैं कि कांग्रेस और रालोद में कुछ बातचीत चल रही है। लखनऊ विश्वविद्यालय में मास कम्युनिकेशन विभाग के प्रमुख प्रोफेसर मुकुल श्रीवास्तव कहते हैं कि दरअसल यह एक तरीके का 'टॉकिंग पॉइंट' होता है। राजनीतिक पार्टियां और उनके कार्यकर्ता इस तरीके की मुलाकातों को भली-भांति जानते हैं और मीडिया भी ऐसी मुलाकातों को लेकर दो-चार कदम आगे ही चलता है। भले ही ऐसी मुलाकातों का कोई ठोस आधार ना हो। लेकिन जब चुनाव होते हैं तो ऐसी मुलाकातें निश्चित तौर पर राजनीतिक चर्चा का विषय बनती ही रहती हैं।

सपा-रालोद में हो गया समझौता?

प्रियंका गांधी और जयंत चौधरी की मुलाकात को लेकर जो राजनीतिक हवाबाजी हो रही थी उसका थोड़ी ही देर बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पटाक्षेप कर दिया। अखिलेश यादव ने बताया कि उनका और रालोद का गठबंधन हो चुका है। हालांकि इस गठबंधन के बारे में समाजवादी पार्टी की ओर से औपचारिक एलान तो कर दिया गया, हालांकि इसकी स्वीकारोक्ति या खंडन राष्ट्रीय रालोद की ओर से नहीं आया है। समाजवादी पार्टी के नेताओं का कहना है कि रालोद और सपा के बीच सीटों का बटवारा भी तकरीबन तय हो गया है। वह कहते हैं कि सपा और रालोद का गठबंधन उत्तर प्रदेश में एक बड़ा विकल्प बनने वाला है। जो भाजपा का सूपड़ा साफ कर देगा।

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