उत्तर प्रदेश के नौ जिलों की 59 सीटों पर वोटिंग की प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है। मतदान प्रतिशत का फाइनल आंकड़ा आना बाकी है, लेकिन शाम पांच बजे तक जो आंकड़े सामने आए हैं, उसके अनुसार सभी नौ जिलों में वोटिंग घट गई है।
यही हालत अलग-अलग विधानसभा में भी है। तीन सीटों को छोड़कर बाकी सभी जगह मतदान घट गया है। जिन दो सीटों पर पिछली बार से अधिक वोटिंग हुई है, उनमें लखनऊ कैंट, रायबरेली और बांदा सीट है। लखनऊ कैंट में 2017 में 50.89% वोट पड़े थे। इस बार इसमें बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अब यह बढ़कर 53.47% पहुंच गया है। इसी तरह बांदा में पिछली बार 59.94% लोगों ने वोट डाला था। इस बार यहां 61.07% वोटिंग हो चुकी है। इसी तरह रायबरेली में 0.07% वोटिंग में इजाफा दर्ज किया गया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट....
योगी सरकार के चार मंत्रियों के क्षेत्र में कितनी हुई वोटिंग?
1. आशुतोष टंडन : राजधानी लखनऊ की लखनऊ पूर्व सीट से योगी सरकार के कद्दावर मंत्री आशुतोष टंडन ने चुनाव लड़ा। आशुतोष भाजपा के बड़े नेताओं में शुमार रहे लालजी टंडन के बेटे हैं। आशुतोष के खिलाफ समाजवादी पार्टी ने अनुराग भदौरिया को मैदान में उतारा था। अनुराग समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी हैं। बसपा की तरफ से आशीष कुमार सिन्हा और कांग्रेस ने मनोज तिवारी को मैदान में उतारा है। पिछली बार इस सीट पर आशुतोष टंडन को जीत मिली थी। इस सीट पर शाम पांच बजे तक 53.44% वोट पड़े हैं। पिछली बार यहां 53.95% लोगों ने वोट डाला था। उम्मीद है कि चुनाव आयोग की तरफ से फाइनल आंकड़े जारी होने पर इस बार का मतदान प्रतिशत भी बढ़ जाए।
2. बृजेश पाठक : सूबे की राजधानी लखनऊ की कैंट विधानसभा सीट से योगी सरकार के कानून मंत्री बृजेश पाठक ने चुनाव लड़ा। बृजेश ने पिछली बार लखनऊ मध्य से चुनाव जीता था। इस बार उनकी सीट भाजपा ने बदल दी थी। बृजेश के खिलाफ समाजवादी पार्टी ने सुरेंद्र सिंह गांधी, बसपा ने अनिल पांडेय और कांग्रेस ने दिलप्रीत सिंह को उम्मीदवार बनाया था। 2017 में यह सीट भाजपा के लिए डॉ. रीता बहुगुणा जोशी ने जीती थी। 2019 में रीता जोशी लोकसभा सांसद चुन ली गईं, इसके बाद हुए उपचुनाव में यहां से भाजपा के सुरेश तिवारी विधायक चुने गए थे। लखनऊ कैंट सीट पर वोटिंग में बढ़ोतरी दर्ज हुई है। यहां 2017 में 50.89% वोट पड़े थे। इस बार शाम पांच बजे तक 53.47% लोग वोट डाल चुके थे। मतलब पिछली बार की तुलना में तीन फीसदी वोटिंग बढ़ी है।
3. रणवेंद्र प्रताप सिंह : फतेहपुर की हुसैनगंज सीट से इस बार भाजपा ने योगी सरकार में कृषिराज्य मंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी भैया को मैदान में उतारा था। रणवेंद्र पिछली बार भी इस सीट से विधायक चुने जा चुके हैं। योगी के मंत्री के खिलाफ घेरेबंदी के लिए समाजवादी पार्टी ने उषा मौर्या, बहुजन समाज पार्टी ने फरीद अहमद और कांग्रेस ने शिवाकांत को टिकट दिया था। इस बार इस सीट पर 57.80% लोगों ने वोट डाला है। पिछली बार यहां 61.25% वोटिंग हुई थी।
4. जय कुमार जैकी : फतेहपुर की बिंदकी सीट से योगी सरकार में जेल मंत्री जय कुमार सिंह जैकी चुनाव लड़े। जैकी भाजपा की गठबंधन वाली अपना दल (सोनेलाल) के टिकट पर मैदान में थे। जैकी के खिलाफ समाजवादी पार्टी ने रामेश्चर दयाल, बसपा ने सुशील कुमार और कांग्रेस ने अभिमन्यु सिंह को टिकट दिया था। 2017 में यह सीट भाजपा के खाते में थी। तब यहां से करण सिंह पटेल विधायक चुने गए थे। इस बार यहां शाम पांच बजे तक 60.50% लोग वोट डाल चुके हैं। पिछली बार 61.25% वोटिंग हुई थी।