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उत्तर प्रदेश चुनाव: दीपावली बाद चुनावी रंग-ढंग में नजर आएगी भाजपा, नवंबर में गृहमंत्री शाह और नड्डा करेंगे अहम बैठक

सार

अमर उजाला को मिली जानकरी के अनुसार, 13 और 14 नवंबर को गृहमंत्री शाह पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणासी में कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इस दौरान वे गृह मंत्रालय के भी कार्यक्रम में हिस्सा होंगे। इसके बाद वे 21 और 22 नवंबर को एक फिर उत्तर प्रदेश के दौरे पर जाएंगे...
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गृह मंत्री अमित शाह और सीएम योगी आदित्यनाथ - फोटो : PTI (File Photo)
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा अब पूरी तरह चुनावी अंदाज में आ गई है। पीएम नरेंद्र मोदी भी राज्य की विकास योजनाओं का ताबड़तोड़ लोकार्पण कर रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ अब राज्य में चुनावी कमान अब गृहमंत्री अमित शाह संभालने जा रहे हैं। चुनावी तैयारियों को लेकर शाह आगामी 29 अक्तूबर को राजधानी लखनऊ पहुंचेंगे। इस दौरान वे भाजपा के मेगा सदस्यता अभियान की शुरुआत करेंगे और पार्टी नेताओं के साथ आगे की रणनीति भी तैयार करेंगे।

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अमर उजाला को मिली जानकरी के अनुसार, दीपावली बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के यूपी दौरे शुरू होंगे। दोनों नेता संगठन के आला नेताओं के साथ बैठकें करेंगे और चुनावी रणनीति का खाका तैयार करेंगे। 13 और 14 नवंबर को गृहमंत्री शाह पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणासी में कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इस दौरान वे गृह मंत्रालय के भी कार्यक्रम में हिस्सा होंगे। इसके बाद वे 21 और 22 नवंबर को एक फिर उत्तर प्रदेश के दौरे पर जाएंगे। इसके दौरान वे राजधानी लखनऊ के कई अहम कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।

राज्यभर में 1.5 करोड़ सदस्य बनाने का लक्ष्य

29 अक्तूबर को गृहमंत्री शाह सदस्यता अभियान की शुरुआत करेंगे। पार्टी ने इस आयोजन को भव्य बनाने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। राज्यभर में पार्टी ने 1.5 करोड़ से अधिक नए सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा है। अभी के समय भाजपा के राज्य में 2.3 करोड़ कार्यकर्ता हैं। पार्टी सदस्यता अभियान के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में जगह-जगह विशेष शिविर लगाएगी। सांसद, उत्तर प्रदेश के मंत्री, विधायक और वरिष्ठ पदाधिकारी अभियान का नेतृत्व और पर्यवेक्षण करेंगे। इस दौरान भाजपा केंद्र और राज्य की योजनाओं के लाभार्थियों के पास पहुंचने की कोशिश करेगी और उन्हें पार्टी में शामिल होने के लिए मनाएगी।

भाजपा इसके पहले अमित शाह की अगुवाई में ही यूपी में खोए जनाधार को वापस लाने में सफल रही थी। अमित शाह 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रभारी रहते भाजपा भाजपा को जीत दिलाने में सफल रहे थे, तो 2017 के विधानसभा चुनाव में बतौर पार्टी अध्यक्ष रहते भाजपा का सत्ता से 15 साल दूर रहने का वनवास भी खत्म कराया था। 2017 के चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन 325 सीटें जीतने में सफल रहा था, जिसमें पार्टी ने अकेले 312 सीटें जीती थीं।

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