पार्टी की रणनीतिक सोच प्रभारियों की नियुक्ति में भी साफ दिखाई पड़ रही है। प्रभारियों की नियुक्ति में केवल समाजिक समीकरणों का ही ध्यान नहीं रखा गया है, बल्कि युवा और प्रोफेशनल लोगों को पार्टी में बढ़ावा देने की रणनीति भी साफ दिखाई पड़ रही है। धर्मेंद्र प्रधान के रूप में पार्टी ने ओबीसी समुदाय को आगे रखने की नीति को मजबूती से आगे बढ़ाया है, तो सरोज पांडेय और अनुराग ठाकुर को प्रमुखता देकर सवर्णों को भी संदेश देने की कोशिश की है।
आगे के कार्यक्रम तय
उत्तर प्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की मृत्यु के कारण पार्टी का चुनावी कामकाज लगभग एक हफ्ते प्रभावित रहा। अब वह तेजी के साथ चुनावी मोड में आगे बढ़ने जा रही है। 10 सितंबर से ही सभी मंडलों की समीक्षा का कामकाज शुरू कर दिया जाएगा। पार्टी 11 सितंबर से बूथ विजय अभियान चलाने जा रही है। इसी दिन पन्ना प्रमुखों का एक बड़ा सम्मेलन करने की तैयारी है, जिसे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा और केशव प्रसाद मौर्या इसमें शामिल हो सकते हैं।