प्रदेश सरकार ने उद्यमियों की समस्याओं के समाधान और उस संबंध में नीति विषयक निर्णय के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय प्राधिकृत समिति का गठन कर दिया है।
सरकार ने इस समिति के सामने अपनी समस्या रखने के इच्छुक उद्यमी को भी बैठक में शामिल होने का मौका देने का फैसला किया है।
उद्योग बंधु की राज्य, मंडल व जिला स्तर पर समितियों के पुनर्गठन के साथ ही शासन ने शीर्ष स्तर पर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय प्राधिकृत समिति का गठन कर दिया है।
इस समिति में औद्योगिक विकास, लघु उद्योग, श्रम, ऊर्जा, वित्त, नियोजन, राजस्व विभाग के मंत्री, मुख्य सचिव, एपीसी, वित्त, औद्योगिक विकास, ऊर्जा, कर एवं निबंधन, श्रम, लघु उद्योग, चीनी उद्योग, पर्यावरण, आईटी, राजस्व और आवास व शहरी नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव शामिल होंगे।
अधिशासी निदेशक उद्योग बंधु के संयोजन में होने वाली इन बैठकों में आईआईए, पीचडी चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री, सीआईआई, एसोसिएटेड चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री, फेडरेशन आफ इंडियन चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के साथ व्यापारी व निर्यातक प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा।
साथ ही यह भी तय किया गया है कि यदि कोई उद्यमी अपनी समस्या को बैठक में स्वयं प्रस्तुत करना चाहता है तो उसे भी बैठक में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
इसके अलावा राज्य स्तर पर मुख्य सचिव, मंडल स्तर पर कमिश्नर और जिला स्तर पर डीएम की अध्यक्षता में कमेटियों का पुनर्गठन करते हुए उनकी जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है।