आतंकी अब्दुल करीम टुंडा को यूपी एटीएस रिमांड पर लेगी। रिमांड पर लेने से पहले एटीएस की एक टीम दिल्ली जाकर उससे वहां भी पूछताछ करेगी।
एडीजी लॉ एंड आर्डर अरुण कुमार ने बताया कि टुंडा गाजियाबाद के मामले में वांछित है। टुंडा के खिलाफ यूपी में कई मामले दर्ज हैं।
एडीजी ने बताया कि गाजियाबाद के पिलखुआ के अशोक नगर के अब्दुल करीम टुंडा ने वर्ष 1954 में चोरी की वारदात के साथ अपराध की दुनिया में दस्तक दी। इसके बाद उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट व दूसरे आपराधिक मामले दर्ज हुए।
बाबरी मस्जिद कांड के विरोध में हुए सीरियल बम ब्लास्ट के मामले से अब्दुल करीम टुंडा का नाम चर्चा में आया। बम धमाकों के मास्टर मांइड रहे जलीस अंसारी ने गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने कबूला कि धमाकों के लिए बम बनाने का काम टुंडा ने अंजाम दिया था।
1994 में टुंडा के खिलाफ पिलखुआ में चार मामले दर्ज किए गए। इसके बाद ट्रेनों में हुए सीरियल ब्लास्ट में भी टुंडा का नाम सामने आया। इस मामले में उसके खिलाफ गाजियाबाद, कानपुर और इलाहाबाद जीआरपी में मामले दर्ज किए गए।
बाद में मामले की जांच सीबीआई को चली गई। सीबीआई ने टुंडा व अन्य आरोपियों के खिलाफ जयपुर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
लखनऊ से बना पासपोर्ट है टुंडा के पास
टुंडा सीबीआई के हत्थे नहीं चढ़ा तो उस पर तीन लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया। इसके बाद उसके खिलाफ रेडकार्नर नोटिस भी जारी कर दिया गया। टुंडा के पास दो पासपोर्ट हैं। इनमें से एक पासपोर्ट लखनऊ से बना हुआ है। जबकि दूसरा पासपोर्ट पाकिस्तान का है।