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UP Election 2022 : पीलीभीत की गुलजार फातिमा ने योगी सरकार के लिए क्या कहा? महिलाओं ने अपने चुनावी मुद्दों पर की चर्चा

Tue, 16 Nov 2021 01:35 PM IST
हिमांशु मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पीलीभीत

सार

'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' पीलीभीत में है। यहां सुबह चाय पर चर्चा में आम लोगों से चुनावी मुद्दे जानने के बाद अब हमारी टीम महिलाओं के बीच पहुंची। यहां महिलाओं ने खुलकर चुनावी मुद्दों पर चर्चा की। 
 
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पीलीभीत, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022 : चुनावी चर्चा करते हुए महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पीलीभीत में विकास हुए हुए हैं, लेकिन अभी बहुत काम बाकी है। यहां महिलाओं की शिक्षा, रोजगार, बीच शहर में ट्रैफिक, सड़कों की खराब हालत बड़ा मुद्दा है। ये बातें खुद पीलीभीत की महिलाओं ने कहीं। 'अमर उजाला' के चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जुटी महिलाओं ने खुलकर चुनावी मुद्दों पर बात की। सरकार की शिकायतें भी की और तारीफ भी। पढ़िए किसने क्या कहा?
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महिला सुरक्षा का बड़ा मुद्दा उठा

पीलीभीत, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022 : चुनावी मुद्दों पर बात करते हुए महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
एक दिन पहले छात्रा के साथ हुई गैंगरेप की घटना का मुद्दा 'आधी आबादी की बात' में भी उठा। ट्रांसपोर्ट का बिजनेस करने वाली रिया सूरी ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था काफी कमजोर है। छात्रा के साथ गैंगरेप की घटना इसकी तस्दीक करता है। शहनाज ने कहा कि पहले के मुकाबले महिला सुरक्षा की व्यवस्था ठीक हुई है, लेकिन इसमें अधिक काम करने की जरूरत है। सभी महिलाओं ने एक स्वर में कहा कि महिला सुरक्षा को लेकर सरकार को और ध्यान देने की जरूरत है। 

सरकार से महिलाओं के सवाल? 

रिया सूरी ने कहा कि यहां महिलाओं के लिए कोई अवसर नहीं है। महिलाओं और बेटियों के लिए शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य की कोई खास सुविधा नहीं है। श्रुति ने खराब सड़क, महिला सुरक्षा, महिला शिक्षा, रोजगार का मुद्दा उठाया। कहा कि जिले में महिलाओं के लिए अच्छे स्तर पर डिग्री कॉलेज होने चाहिए। महंगाई का मुद्दा भी काफी अहम है। खाने-पीने की चीजें अगर महंगी रहेंगी तो कैसे घर-गृहस्थी चलाएंगे?  

शहनाज ने कहा कि चुनाव के वक्त नेता वोट मांगने आते हैं। उस वक्त तो सब अच्छा होता है, लेकिन चुनाव के बाद सभी नेता अपने वादे भूल जाते हैं। डॉ. ईशा महेंद्रू ने कहा कि इस सरकार ने कई अच्छे काम किए हैं, लेकिन उसकी जानकारी आम लोगों तक नहीं पहुंच पा रही है। महिलाएं सिर्फ घर तक सीमित रह गई हैं। आरक्षण का मुद्दा भी अहम है। इसे खत्म करना चाहिए। सवर्णों को न नौकरी मिलती है और न ही किसी तरह की छूट मिलती है।
 
डॉ. ईशा ने कहा महंगाई बहुत ज्यादा बढ़ गई है। पेट्रोल-डीजल महंगा हो गया है। हर किसी के लिए रोजगार की व्यवस्था होनी चाहिए। गरीबों के लिए सरकार ने बहुत कुछ किया है। अब सरकार को मिडिल क्लास के लिए भी सोचना चाहिए। शिक्षित महिलाओं और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलने चाहिए। 

मुदिता अग्रवाल ने कहा कि ट्रैफिक की समस्या है। पीलीभीत की मार्केट सेंट्रलाइज्ड है। इसलिए यहां ट्रैफिक की समस्या होती है। त्योहारों में ज्यादा समस्या होती है। पार्किंग की समस्या है। नियम-कानून जो बने हैं उससे मैं खुश हूं। सरकार से खुश हूं और ज्यादा काम करने की जरूरत है। पहले के खराब काम को सुधारने के लिए थोड़ा समय लगेगा। 
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कोई दूसरा विकल्प भी तो नहीं है

पीलीभीत, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022 : चुनावी मुद्दों पर संवाद करते हुए महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
प्राची गुप्ता ने कहा कि छोटे टाउन में रिक्रिएशन की जरूरत है। पार्क या कुछ ऐसा होना चाहिए जहां लोग जाकर अपना समय बीता सकें। पीलीभीत-बरेली-बदायूं की सड़कें बहुत खराब है। ट्रैफिक खराब है। ट्रेन कनेक्टिविटी खराब है। हालांकि, सरकार बहुत अच्छी है। बहुत काम हुए भी हैं। मौजूदा सरकार के विपक्ष में कोई अच्छा है भी नहीं। हमारे पास मौजूदा सरकार के अलावा कोई और विकल्प भी नहीं है। 

एक निजी अस्पताल का संचालन करने वाली डॉ. अनीता सक्सेना ने कहा, छोटा जिला होने के बावजूद यहां काफी बेहतर सुविधाएं हैं। क्षमता के अनुसार बहुत से अच्छे हॉस्पिटल हैं। कहा, इसका विकास हो रहा है, लेकिन अभी गति धीमी है। ट्रांसपोर्ट सुविधा नहीं है। यहां कॉमर्शियल गतिविधियों को बढ़ाना होगा। महिला सुरक्षा की व्यवस्था हुई है, लेकिन अभी इसमें काफी कमी है।  

सरकार से शिकायतें भी और उम्मीदें भी
याची रस्तोगी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने काफी विकास किया है। उम्मीद है कि अगली सरकार बनी तो बाकी काम भी बहुत अच्छे होंगे। उत्तर प्रदेश में जनसंख्या नियंत्रण कानून लाया जा रहा है। ये महिलाओं और कई समस्याओं का हल है। इससे काफी हालात बदल जाएंगे। स्वास्थ्य, शिक्षा, महिलाओं के लिए बेहतर होगा। महिला सुरक्षा के लिए भी काफी काम हुआ है। 

बार्बी ने कहा कि मौजूदा सरकार ने पहले के मुकाबले काफी काम किया है। हालांकि अभी लोगों में जागरूकता की कमी है। काम काफी हुआ है, लेकिन लोगों को इसकी जानकारी नहीं है। लोगों को सरकारी योजनाओं और अपने अधिकारों के बारे में मालूम करना चाहिए। जो शिक्षित हैं उन्हें अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए और दूसरों को शिक्षित करने की कोशिश करनी चाहिए।  
गुलजार फातमा ने कहा कि मौजूदा सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है। हम लोगों को अपने अधिकार खुद नहीं मालूम है। ये तभी होगा जब हम शिक्षित होंगे। पैरेंट्स को ही अपने बच्चों को तैयार करना होगा। सरकार सब इंतजाम बढ़िया कर रही है। 

छात्रा नंदनी ने कहा कि पहले सड़कें बहुत ज्यादा खराब थी। चौराहे खूबसूरत हुए हैं। विकास हुआ है, लेकिन अभी और काम होने की गुंजाइश है। राखी राठौर ने कहा कि हम उसी नेता को चुनेंगे जो हमारे लिए काम करेगा। 

डॉ. लोहित प्रभा ने कहा कि बेरोजगारी बहुत बड़ी समस्या है। मैं पीएचडी कर चुकी हूं, लेकिन मुझे यहां बेरोजगार ही रहना पड़ रहा है। अगर कॅरियर बनाना है तो बाहर ही जाना पड़ेगा। सरकार को महिलाओं के लिए रोजगार की व्यवस्था उपलब्ध करानी चाहिए। 
 
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