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यूपी विधानसभा चुनाव 2022 : बरेली के युवाओं ने क्यों कहा सड़कें तो खराब होंगी ही? चुनाव का मुद्दा भी बताया

Sun, 14 Nov 2021 03:01 PM IST
हिमांशु मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली

सार

गाजियाबाद, मुरादाबाद, रामपुर और अमरोहा के वोटर्स का मूड समझने के बाद अब 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' बरेली में है। यहां आम नागरिकों संग 'चाय पर चर्चा' और महिलाओं से संवाद के बाद युवाओं से चुनावी बात हुई। पढ़िए बरेली के युवाओं ने क्या कहा? 
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बरेली के स्टेडियम में अपनी बात करते हुए युवा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में पहली बार वोट डालने जा रहे युवा चुनाव को लेकर क्या सोच रहे हैं? उन्हें कैसी सरकार चाहिए? युवाओं के क्या मुद्दे होंगे? रोजगार, शिक्षा, विकास, खेल के मुद्दों पर युवाओं की क्या सोच है? 
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मौजूदा सरकार को लेकर उनकी क्या राय है? साढ़े चार साल के कार्यकाल में योगी सरकार के कौन से काम है जो युवाओं को पसंद आए और कौन से काम हैं जो अधूरे रह गए? ये सब जानने के लिए 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' बरेली के जिला स्टेडियम में पहुंचा। यहां युवाओं ने हर मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी। पढ़िए क्या कहा? 

विकास को लेकर क्या बोले? 

बरेली स्टेडियम में चुनावी चर्चा करते हुए युवा। - फोटो : अमर उजाला
गौरव शर्मा ने कहा कि युवाओं को लेकर बरेली में खेल-कूद की व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए। हालांकि पिछली सरकारों के मुकाबले इस सरकार में काफी काम हुआ है। पहले जितनी समस्याएं थी, उससे कहीं कम समस्याएं अब हैं। अभी भी लगातार  विकास के कार्य हो रहे हैं। इसी के चलते आम लोगों को थोड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। रोड पर चल रहे काम के चलते ट्रैफिक की समस्या हो रही है। पहले की सरकारों ने जो काम नहीं किया वो अब हो रही है। आने वाले दिनों में हर तरह की समस्याएं खत्म हो जाएंगी। 

गुरप्रीत सिंह ने कहा कि शहर में काफी विकास हो रहा है। रोजगार की समस्या है, लेकिन इसके लिए अच्छी योग्यता की जरूरत है। शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने की जरूरत है।  

रोजगार के मुद्दे पर युवाओं की राय

विधानसभा चुनाव के लिए मुद्दों पर बात करते हुए युवा। - फोटो : अमर उजाला
केशव यादव ने बेरोजगारी का मुद्दा उठाया। कहा कि लगातार दो साल से सेना की भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। अचानक से भर्ती प्रक्रिया रद्द हो जाती है। शहर में स्टेडियम की भी कमी है। मजबूरन युवाओं को रोड पर प्रैक्टिस करना पड़ता है। इससे दुर्घटना होने का डर होता है। केशव ने कहा कि अन्य क्षेत्रों में काफी काम हो रहा है। सड़क, साफ-सफाई व अन्य विकास कार्य हो रहे हैं। 

प्रज्ञा ने शहर के सबसे पुराने और बड़े बरेली कॉलेज के मिस मैनेजमेंट का मुद्दा उठाया। कहा कि अक्सर कॉलेज में मारपीट और लड़ाई होती है। इससे असुरक्षा का माहौल कायम होता है। सरकार को इसपे लगाम लगाना चाहिए। 

एथलीट गोविंद यादव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मिनी स्टेडियम बनने चाहिए। इससे गांव के युवाओं को खेल में कॅरियर बनाने का अच्छा मौका मिल सकता है। खेल की सुविधाएं बढ़ाना चाहिए। छोटे लेवल के खिलाड़ियों को भी सुविधाएं मिलनी चाहिए। सेना व अन्य विभागों में भर्ती भी निकलनी चाहिए। बहुत से युवाओं की उम्र अधिक होती जा रही है और वह ओवरएज होते जा रहे हैं। 

दृष्टि ने कहा स्टेडियम में कोच की कमी का मुद्दा उठाया। कहा कि कई खेल ऐसे हैं जिनके स्टेडियम में कोच ही नहीं है। मजबूरत बच्चों को वापस लौटना पड़ता है। सरकार को युवाओं के रोजगार के लिए काम करना चाहिए। 
 
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युवाओं ने और क्या मुद्दे उठाए?

बरेली के चुनावी मुद्दों पर बात करते हुए युवा। - फोटो : अमर उजाला
  • शगुन ने ट्रैफिक का मुद्दा उठाया। कहा कि ट्रैफिक की समस्या के चलते काफी  समय बर्बाद होता है। शहर में एक और स्टेडियम बनाने की मांग की।  
  • लक ने कहा कि खेल के लिए बेहतर स्टेडियम होने चाहिए। 
  • सौरभ गंगवार ने सुरक्षा का मुद्दा उठाया। कहा कि सरकारी विभागों, स्टेडियम व अन्य पब्लिक प्लेस पर सीसीटीवी होने चाहिए। चोरियां बहुत होती हैं। 
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