बांदा, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022, महिलाओं से चर्चा
- फोटो : अमर उजाला
बफाता नाम की मुस्लिम महिला ने कहा कि बांदा में विकास हुआ है। फ्री राशन मिला है, सड़कें बनीं हैं, बिजली भी है। मोदी और योगी जी ने विकास तो अच्छा किया है लेकिन महंगाई है। मदिना खातुन ने पढ़ाई का मसला उठाया। उन्होंने कहा कि दो साल से पढ़ाई बंद है। मोदी सरकार बच्चों के भविष्य के बारे में नहीं सोच रही है। सरकार और कुछ सोचे न सोचे बच्चों के भविष्य के बारे में जरूर सोचे।
डॉ शशि ने कहा कि बांदा में अभी शिक्षा उतनी नहीं है जितनी होनी चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों की लड़कियों में अभी भी जागरूकता की कमी है। इसके लिए उसके माता पिता को भी जागरूक होना बहुत जरूरी है ताकि लड़कियों को शिक्षित कर सके। शिक्षा ही एक ऐसा माध्यम है, जिससे हम अन्य क्षेत्रों में विकास कर सकते हैं। चाहे स्वास्थ्य के क्षेत्र में हो, चाहे सामाजिक क्षेत्र में हो, चाहे नारी शक्ति का उत्थान हो। मोदी सरकार ने कोरोना से निपटने के लिए स्कूल कॉलेज बंद किए थे और उस समय यह जरूरी भी था। अब सब खुल चुके हैं और ऑनलाइन व ऑफलाइन पढ़ाई भी चल रही हैं। उन्होंने कहा कि पढ़ाई में गुणवत्ता जरूरी है, केवल किताबी ज्ञान से काम नहीं चलेगा। रानी ने कहा कि माता पिता को जागरूक करने की जरुरत है।
अर्चना मेहरा ने कहा कि बांदा काफी बदल गया है। मार्केट खूब बन गया है। पहले एकदम सन्नाटा रहता था अब तो जाम की समस्या रहती है। दीपिका विश्वकर्मा ने पेपर लीक का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पांच साल से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही हूं लेकिन क्या करें कभी पेपर ही लीक हो जाती है तो कभी फॉर्म ही नहीं निकलता है। अखिलेश की अपेक्षा ये सरकार अच्छी है। वहीं, लैपटॉप देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि शुरुआत में ही अखिलेश ने लैपटॉप दिया बाद में कहां दिया?
बांदा, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022, महिलाओं से चर्चा
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प्रतिक्षा मेहरा ने कहा कि बांदा में महिलाओं को शिक्षित करना चाहिए।.उनके लिए बाहर निकलने के लिए रास्ते बनाने चाहिए। यहां महिलाओं के लिए टीचिंग के अलावा कुछ नहीं है। शबाना ने कहा कि यहां महिलाओं की स्थिति खराब है। महिलाओं के पास रोजगार नहीं है। मेरा कहना है कि जो जिस लायक उसे उस लायक काम मिलना चाहिए। सरकार को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। पढ़ लिख कर लड़कियां घर में बैठी हैं। सरकार को रोजगार की तरफ ध्यान देना देगा है। हम तो वर्तमान सरकार के कामकाज से खुश नहीं हैं।
आशा सिंह ने कहा बुंदेलखंड की औरतें बहुत मजबूत होती हैं। यहां सबसे ज्यादा तो आदमी खाली रहते हैं। औरतें घर में घूमकर घूमकर काम करती हैं और उके आदमी सिर्फ खाते हैं और पीते (दारू) हैं। इस पर मदिना ने कहा ठीक कह रही हैं, फ्री का खाते हैं और महिलाओं को पीटते हैं। उन्होंने आगे कहा कि मोदी जी तो सबकुछ करते हैं लेकिन दारू, गांजा और जुआ बंद नहीं करते।