घूस लेने के आरोप में जेल भेजे गए दरोगा सर्वेश राणा को 15 अगस्त पर मेडल लगाते एसओ असोहा राजू राव। फाइ?
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उन्नाव। असोहा थाना के दरोगा को सराफ से घूस लेने के आरोप में एसपी ने निलंबित कर रिपोर्ट दर्ज करा जेल भेज दिया। वाहन चेकिंग के दौरान शनिवार देर शाम दरोगा ने सराफ को चोरी के जेवर खरीदने व बेचने में जेल भेजने की धमकी देकर 20 हजार रुपये ले लिए थे। विधायक की शिकायत पर एसपी ने कार्रवाई की है। मालूम हो कि गृहमंत्रालय भारत सरकार द्वारा भेजे गए उत्कृष्ट सेवा पदक से दरोगा 15 अगस्त को सम्मानित किया गया था।
सोहरामऊ थाना क्षेत्र के सहरांवा गांव निवासी सराफ सोनू सोनी की क्षेत्र के बिलौरा गांव में सोने चांदी की दुकान है। शनिवार शाम लगभग 6 बजे सराफ सोनू असोहा के रानीखेड़ा चौराहा होकर बाइक से निकला। रानीखेड़ा चौराहा पर वाहन चेकिंग कर रहे थाना के दरोगा सर्वेश राणा ने उसे रोका। सराफ सोनू का आरोप है कि दरोगा सर्वेश ने उसकी बैग चेक की। बैग में ज्वैलरी देख दरोगा ने चोरी की ज्वैलरी खरीदने व बेचने का आरोप लगा जेल भेजने की धमकी देकर 1 लाख रुपये की मांग की। दरोगा उसे पकड़कर थाना ले गया। जहां पहले 50 हजार फिर 40 हजार पर सौदा तय हो गया। घर से 20 हजार रुपये लाकर सराफ ने दरोगा को थाना में दिया। अन्य 20 हजार रुपये रविवार को देने की बात कही।
रात लगभग 9 बजे सराफ सोनू ने पुरवा विधायक अनिल सिंह को प्रकरण की जानकारी दी। रात 12 बजे विधायक थाना असोहा पहुंचे और वहीं से एसपी अविनाश पांडेय को दरोगा की करतूत बताई। एसपी ने रात में ही सीओ पुरवा को जांच के निर्देश दिए। एसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि दरोगा सर्वेश राणा पर लगे आरोप की जांच में पुष्टि हुई है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है।
सीओ ने रात में ही पहुंचकर जांच की
असोहा थाना के दरोगा को सराफ से घूस लेने के आरोप में एसपी के निर्देश पर सीओ पुरवा विक्रमाजीत थाना पहुंचे और जांच की। जांच में आरोप सिद्ध होने पर सीओ ने एसपी को जानकारी दी। एसपी ने दरोगा सर्वेश को निलंबित करते हुए सीओ को रिपोर्ट दर्ज कराने का निर्देश दिया। रात में ही पीड़ित सोनू की तहरीर पर दरोगा के खिलाफ 7/13 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई। रविवार दोपहर दरोगा को कोर्ट में पेश किया गया, वहां से जेल भेज दिया गया है। उसे जेल भेजने वाले एसओ राजू राव ने ही उसकी वर्दी पर पदक लगाया था। कार्रवाई से पुलिस विभाग में हड़कंप है। एसपी ने जिले के सभी पुलिस अधिकारियों, कर्मियों को चेतावनी दी है कि अगर कोई भी गलत कार्य में लिप्त पाया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
तीन साल पहले मुख्य आरक्षी से प्रोन्नत होकर बना था दरोगा
भ्रष्टाचार के आरोप में जेल भेजा गया दरोगा सर्वेश राणा औरैया के ऐरवा कटरा के भैदपुर गांव का निवासी है। वह 1994 में सिपाही पद पर भर्ती हुआ था। प्रोन्नत होकर वह मुख्य आरक्षी बना। जुलाई 2018 में फिर से प्रोन्नति मिलने पर वह दरोगा बन गया था। 27 मई 2019 को दरोगा का स्थानांतरण सदर कोतवाली से असोहा थाना हुआ था। 10 साल के कार्यकाल में किसी तरह का कोई आरोप न लगने व निष्पक्ष रूप से कार्य करने में इनका नाम उत्कृष्ट सेवा पदक के लिए गृहमंत्रालय भेजा गया था। उत्कृष्ट पदक मिलने के 20वें दिन ही दरोगा को भ्रष्टाचार के आरोप में जेल भेज दिया गया।