मौरावां(उन्नाव)। संपत्ति बंटवारे के विवाद में मुख्यमंत्री आवास आत्मदाह करने पहुंचे दिव्यांग को वहां की पुलिस ने बचा लिया। लखनऊ से सूचना मिलने पर मौरावां पुलिस के हाथ-पैर फूल गए। आनन-फानन में लखनऊ पहुंची पुलिस दिव्यांग को थाना लेकर आई और उसके भाई को बुलाकर दोनों का समझौता करा घर भेज दिया।
मौरावां के मवई के मोहल्ला भगवान थोक निवासी दिव्यांग सुनील कुमार (30) का उसके पिता रामकुमार शर्मा और तीन भाइयों से संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। दिव्यांग की शिकायत पर मौरावां पुलिस ने पारिवारिक सुलह समझौता करा दिया था। लेकिन सुनील पुलिस के फैसले से संतुष्ट नहीं हुआ। शनिवार को वह किसी तरह से लखनऊ पहुंच गया और मुख्यमंत्री आवास के पास आत्मदाह का प्रयास करने लगा। इसी बीच गीता पल्ली थाना की मौजूद पुलिस ने दिव्यांग के मंसूबों को भांप कर उसे रोक लिया और अपने साथ लेकर गीतापल्ली थाना पहुंची और मौरावां पुलिस को फोन कर मामले की जानकारी दी।
एसओ मौरावां मुकेश वर्मा पुलिस बल के साथ गीतापल्ली थाना पहुंचे और वहां से दिव्यांग को लेकर मौरावां थाना पहुंचे। रात में एसओ ने दिव्यांग सुनील के पिता व अन्य भाइयों को बुलाया। उनके बीच हुए विवाद व गलतफहमी को दूर कर सुनील के संतुष्ट होने के बाद पिता व अन्य परिजनों के सुपुर्द कर सुबह घर भेजा। पिता रामकुमार ने बताया कि उसके पास साढे़ चार बीघा जमीन है। चार बेटों में सभी को 10-10 बिस्वा दे रखा है। डेढ़ बीघा में वह पत्नी के साथ गुजारा करता है। सभी को अलग रहने के लिए घर भी बांट दिया। सुनील ने कुछ लोगों के बहकावे में आकर यह कदम उठाया है।
प्रभारी निरीक्षक मुकेश वर्मा ने बताया कि पिता-पुत्रों के बीच चल रहे विवाद का समझौता कराकर दिव्यांग को परिजनों को सुपुर्द कर घर भेज दिया गया है।