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Unnao News: सीबीएसई की दसवीं परीक्षा में प्रखर अव्वल

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फोटो-30- सीबीएसई बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में जिले में पहला स्थान प्राप्त करने वाले छात्र प्रख - फोटो : मानकविहीन वैन में स्कूल जाते विद्यार्थी।
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उन्नाव। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) हाईस्कूल की परीक्षा के बुधवार को घोषित परिणाम में जिले में इस बार भी बालकों का दबदबा रहा। टॉपर के शुरुआती तीन स्थानों पर छात्र ही काबिज हैं। लखनऊ पब्लिक स्कूल के प्रखर अवस्थी ने 99.2 फीसदी अंकों के साथ टॉप किया है। इसी स्कूल के आयुष श्रीवास्तव ने 99 प्रतिशत अंक के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। तीसरे नंबर के टॉपर आदर्श विद्या मंदिर के सार्थक विश्वकर्मा रहे। उन्होंने 98.6 फीसदी अंक हासिल किए हैं। मेधावी इंजीनियर, आईएएस व आईआईटी के क्षेत्र में जाकर अपना सपना साकार करने की बात कह रहे हैं। परीक्षा परिणाम आते ही उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वह उमाता-पिता के साथ स्कूल पहुंचे और उत्साहित होकर गुरुजनों का आशीर्वाद लिया।
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जेईई की तैयारी करेंगे प्रखर
सीबीएसई हाईस्कूल की परीक्षा में 99.2 फीसदी अंक हासिल कर जिले में टॉप करने वाले प्रखर अवस्थी प्रियदर्शनी नगर मोहल्ले के रहने वाले हैं। पिता प्रभात अवस्थी पीएनसी कंपनी में प्रोजेक्ट मैनेजर हैं। मां शशि अवस्थी गृहिणी हैं। बेटे के जिले में टॉप करने की खबर जैसे ही मां और पिता मिली उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। प्रखर ने बताया कि उसने रोज नौ घंटे की पढ़ाई की है। ट्यूशन भी नहीं लिया और न ही मोबाइल फोन का सहारा लिया। बताया कि परीक्षा के दौरान का मां का पैर टूट गया था। तब पिता ने ही सब किया। अवकाश लेकर खाने-पीने की व्यवस्था की। बड़ी बहन प्रांजल नीट की तैयारी लखनऊ में रहकर कर रही हैं। प्रखर ने बताया कि वह जेईई की तैयारी करेंगे। बताया कि जहां-जहां पिता का स्थानांतरण होता है, हम लोग चले जाते हैं लेकिन अब राजस्थान के कोटा में जाकर तैयारी करूंगा।

फोटो-31- जिले में दूसरा स्थान हासिल करने वाले छात्र आयुष श्रीवास्तव का मुंह मीठा करातीं मां सीमा व अन्य परिजन। स्रोत: परिजन
आयुष ने हर दिन छह घंटे की पढ़ाई से पाई कामयाबी
99 फीसदी अंक हासिल कर जिले में दूसरा स्थान हासिल करने वाले आयुष श्रीवास्तव आदर्शनगर मोहल्ले के रहने वाले हैं। पिता रूपेश कुमार श्रीवास्तव कानपुर में एडीओ कोऑपरेटिव हैं। मां सीमा बीघापुर के प्राइमरी स्कूल में प्रधानाचार्या हैं। छह घंटे कड़ी मेहनत से उसने यह सफलता हासिल की है। दो विषयों की कोचिंग की। पढ़ाई में मोबाइल का प्रयोग जरूरत के हिसाब से किया। इंटर पास होने के बाद जेईई की तैयारी करना चाहते हैं। वह अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को देते हैं।
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फोटो-32- तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले छात्र सार्थक विश्वकर्मा को मिठाई खिलातीं मां सुशीला व मौजूद प्राधानाचार्या अंजना भदौरिया। संवाद
आईएएस बनने का सार्थक का सपना
98.6 फीसदी अंक हासिल कर जिले में तीसरा स्थान हासिल करने वाले छात्र सार्थक विश्वकर्मा एबीनगर मोहल्ले के रहने वाले हैं। कम से कम छह घंटे पढ़ाई करके यह मुकाम हासिल किया है। पिता रवीशचंद्र विश्वकर्मा जिला उद्योग निदेशालय में बाबू हैं। मां सुशीला गृहिणी हैं। बेटे की सफलता पर माता-पिता की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वह अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, दादी, बुआ और गुरुजनों को देते हैं। बताया कि वह सोशल मीडिया से दूर रहते हैं। सार्थक बैटमिंटन का अच्छा खिलाड़ी हैं। उसने जिला, मंडल और स्टेट स्तर पर बैडमिंटन का चैंपियन रहा है। वह आईएएस बनना चाहते हैं। सुझाव दिया कि अगर कोई चार घंटे भी मन लगाकर पढ़ाई कर ले तो सफलता हासिल कर सकता है।


जिले के सभी 24 स्कूलों के छात्र शत-प्रतिशत पास हुए हैं। इस बार हाईस्कूल की परीक्षा में 2600 छात्र शामिल हुए थे। विद्यालयों में साइट पर रिजल्ट देखकर बच्चों के परीक्षा परिणाम का आकलन किया गया। सभी छात्रों का रिजल्ट शत-प्रतिशत रहा। आदर्श विद्या मंदिर में 202 छात्र पंजीकृत थे, सभी सफल रहे। लखनऊ पब्लिक स्कूल में पंजीकृत 134 छात्रों में सभी ने सफलता हासिल की। माउंट लिट्रा, हाईटेक पब्लिक स्कूल, केंद्रीय विद्यालय स्कूल में भी छात्रों का रिजल्ट शत-प्रतिशत रहा।

सबसे पहले डिजिलॉकर पर बच्चों को दिखा रिजल्ट
भारत सरकार के निर्देश पर बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षण संस्थानों के बच्चों का एडू डिजिलॉकर बनवाया गया है। इस लॉकर के माध्यम से बच्चों की पूरी शैक्षिक गतिविधियों को संजोकर रखा जा रहा है। इसका फायदा यह रहा कि बच्चों को विद्यालय प्रबंधन से पहले उनका रिजल्ट प्राप्त हो गया। स्कूल प्रबंधन जहां देर तक बोर्ड की साइट पर रिजल्ट आने का इंतजार करते रहे। वहीं बच्चे पहले ही अपना परिणाम जान गए।

अंकों को लेकर भ्रम है तो एक महीने बाद फिर दे सकते हैं परीक्षा
एवीएम स्कूल के निदेशक शिवांक रमन भदौरिया ने बताया कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन की ओर से संचालित शैक्षिक सत्र में छात्रों को सहूलियत दी गई है। इसके तहत परीक्षा परिणाम निकलने के बाद जो भी छात्र यह समझता है कि उसके नंबर मेहनत के हिसाब से कम आए हैं, उनके लिए सीबीएसई एक माह बाद दोबारा बोर्ड परीक्षा का आयोजन करेगा। हालांकि इस परीक्षा में बैठने के लिए छात्रों को बोर्ड परीक्षा परिणाम निकलने के ठीक पांच दिन के अंदर दोबारा परीक्षा में बैठने का निर्णय लेकर प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

फोटो-30- सीबीएसई बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में जिले में पहला स्थान प्राप्त करने वाले छात्र प्रख- फोटो : मानकविहीन वैन में स्कूल जाते विद्यार्थी।

फोटो-30- सीबीएसई बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में जिले में पहला स्थान प्राप्त करने वाले छात्र प्रख- फोटो : मानकविहीन वैन में स्कूल जाते विद्यार्थी।

फोटो-30- सीबीएसई बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में जिले में पहला स्थान प्राप्त करने वाले छात्र प्रख- फोटो : मानकविहीन वैन में स्कूल जाते विद्यार्थी।

फोटो-30- सीबीएसई बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में जिले में पहला स्थान प्राप्त करने वाले छात्र प्रख- फोटो : मानकविहीन वैन में स्कूल जाते विद्यार्थी।

फोटो-30- सीबीएसई बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में जिले में पहला स्थान प्राप्त करने वाले छात्र प्रख- फोटो : मानकविहीन वैन में स्कूल जाते विद्यार्थी।

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