फोटो-11- बालू के ढेर में दबकर हुई बच्ची की मौत के बाद जांच करते थानाध्यक्ष बृजेश शुक्ला। संवाद
- फोटो : मानकविहीन वैन में स्कूल जाते विद्यार्थी।
अचलगंज। मवैया माफी गांव स्थित ईंट-भट्ठे पर बुधवार को बालू के ढेर में दबकर तीन साल की बच्ची काव्या की मौत हो गई। परिजनों ने बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया है।
काव्या के पिता परिमल उर्फ पप्पू और और मां तेजमती छत्तीसगढ़ के बिलासपुर निवासी हैं। दोनों अचलगंज के मवैया माफी स्थित ईंट-भट्ठे पर काम करते हैं। बुधवार को माता-पिता ईंट पाथने गए थे। काव्या घर में अकेली थी। वह पास में लगे पीली बालू के ढेर के पास खेल रही थी। अचानक बालू का टीला ढहने से बच्ची उसमें दब गई। माता-पिता घर लौटे तो बेटी नहीं मिली।
दोपहर करीब 12 बजे श्रमिक करन ने बालू के टीले के पास जाकर देखा। टीला ढहा हुआ दिखा। तलाश करने पर काव्या का शव मिला। भट्ठा मुनीम जितेंद्र ने पुलिस को घटना की सूचना दी। थानाध्यक्ष बृजेश शुक्ल ने बताया कि पिता परिमल ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। लिखित इन्कार के बाद पंचनामा कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। काव्या तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी थी।