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Unnao News: दो अप्रैल से 42 दिन मुश्किलों भरा रहेगा कानपुर-लखनऊ का आवागमन

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फोटो नंबर-29-उन्नाव-कानपुर के बीच स्थित गंगा नदी पुल जिसके डाउन ट्रैक की होगी मरम्मत। संवाद
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उन्नाव। कानपुर-लखनऊ के बीच गंगा नदी के रेलवे पुल के डाउन (कानपुर से लखनऊ) ट्रैक की रेलवे मरम्मत कराएगा। काफी कमजोर हो चुके इस 118 साल पुराने पुल के पुराने स्लीपरों को हटाकर स्टील के एच बीम लगाने का काम दो अप्रैल से 13 मई तक कुल 42 दिन आठ काम चलेगा। इस दौरान कानपुर-लखनऊ रूट की 42 ट्रेनें निरस्त रहेंगी, 31 का रूट और समय बदला जाएगा और 14 ट्रेनों को केवल कानपुर तक ही चलाया जाएगा।
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रेलवे ने लखनऊ-कानुपर रेल मार्ग पर शुक्लागंज (गंगाघाट/कानपुर बायां किनारा) स्थित रेलवे पुल की मरम्मत कराने का फैसला लिया है। इसके लिए 02 अप्रैल से 13 मार्च तक डाउन लाइन पर मेगा ब्लॉक रहेगा। रोज सुबह नौ से शाम पांच बजे तक कुल आठ घंटे काम चलेगा। लखनऊ रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी सुशील जायसवाल ने बताया कि गंगा नदी पुल की डाउन लाइन में लगी लोहे की चादरें और स्लीपर बदलने के साथ ही एच बीम लगाई जाएंगी। मेगा ब्लाक 02 अप्रैल को सुबह नौ बजे से प्रभावी होगा। बताया कि 42 दिन चलने वाले इस मेगा ब्लॉक के दौरान कानपुर से लखनऊ के बीच चलने वाली 14 ट्रेनों को (आना और जाना) निरस्त किया जाएगा। वहीं 10 ट्रेनों को केवल कानपुर तक ही चलाया जाएगा। जबकि 31 ट्रेनों का रूट बदलाकर चालाया जाएगा।

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जिले के तीन हजार यात्रियों को होगी दिक्कत

ट्रेनें निरस्त होने व मार्ग परिवर्तन और समय बदलने से जिले के करीब तीन हजार यात्रियों को लखनऊ-कानपुर की यात्रा करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। खासकर इंटरसिटी, झांसी पैसेंजर और कानपुर-लखनऊ मेमू निरस्त होने रोजाना लखनऊ आवागमन करने वालों को बस या फिर अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ेगा।
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118 साल पुराना है यह रेलवे पुल

कानपुर मुरे कंपनी से कानपुर बायां किनारा स्टेशन (गंगाघाट) के बीच बना यह पुल 1908 में बना था। इस तरह से पुल की उम्र 118 साल पुराना हो गया है। रेलवे डीआरएम के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि रेलवे की ऑडिट टीम और चीफ इंजीनियर निर्धारित समय अंतराल में इसका ऑडिट करते रहे हैं। पिछले साल 20 मार्च से 30 अप्रैल तक अप लाइन (लखनऊ से कानपुर) पर मेगा ब्लॉक लेकर ट्रैक की मरम्मत कराई गई थी। वही प्रक्रिया अब डाउन ट्रैक को ठीक करने के लिए अपनाई जा रही है।
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