उन्नाव जिले में असोहा ब्लॉक के गांव मखदूम खेड़ा में बने मंदिर में आयोजित भंडारे में प्रसाद खाने के दो घंटे बाद ब्लॉक प्रमुख सहित 30 से अधिक लोगों की हालत बिगड़ गई। उल्टी दस्त होने पर 12 लोगों को सीएचसी में भर्ती कराया गया है।
जानकारी पर तहसीलदार स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और मरीजों का हालचाल जाना। फिलहाल सभी की हालत सामान्य है। डीएम ने बताया कि एक स्वास्थ्य टीम को गांव भी भेजा जा रहा है। मामले की जांच कराई जाएगी। ग्राम पंचायत असावर के मजरा शीतलखेड़ा के क्षेत्र पंचायत सदस्य लक्ष्मण प्रसाद लोधी ने गांव में बने मंदिर में रविवार दोपहर के बाद भंडारे का आयोजन किया था।
भंडारे में ब्लॉक प्रमुख बीतेंद्र यादव, पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजकुमार रावत सहित 30 से अधिक लोगों ने दोपहर दो बजे के बाद प्रसाद ग्रहण किया था। प्रसाद में पंचामृत, बूंदी व सब्जी पूड़ी खाने के करीब चार घंटे बाद लोगों को उल्टी व दस्त शुरू हो गए।
इसमें ब्लॉक प्रमुख व पूर्व ब्लॉक प्रमुख व ग्राम प्रधान पुत्र धुन्नर ने कालूखेड़ा स्थित एक निजी क्लीनिक में जाकर दवा ली। वहीं मिर्रीकला निवासी सर्वेश कुमार (38), सर्वेश का छोटा भाई गौरव (19), सुखदेव (75), मखदूम खेड़ा की अंशिका (14), छेदाना (50), सुनील (20), ज्योति (14), तनिष (6), पुत्री शैलेंद्र, अर्पिता (11), रितिक (19), गौरव (28) व विजयपाल (31) को स्वास्थ्य केंद्र लाया गया।
सीएचसी के डॉक्टर आदर्श सचान ने फूड प्वाइजनिंग की संभावना जता बताया कि सभी की हालत सामान्य है। उल्टी दस्त हुई थी कोई रेफर की हालत में नहीं है। तहसीलदार नरेंद्र यादव भी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और भर्ती लोगों का हालचाल जाना।
एसडीएम राजेशचौरसिया ने बताया कि सीएचसी असोहा से तीन डॉक्टरों की टीम शीतल खेड़ा गांव भेजी गई है। साथ में तहसीलदार नरेंद्र यादव व थानाध्यक्ष भी गए हैं। बिना परमीशन भंडारा किया गया होगा तो आयोजक पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। डीएम रवींद्र कुमार ने बताया कि गांव में मुख्यालय से एक स्वास्थ्य टीम भेजी जा रही है। मामले की जांच करा कार्रवाई की जाएगी।