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सदमे में एक और किसान की मौत

Tue, 05 May 2015 12:30 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, उन्नाव।
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रविवार शाम एक शादी में शामिल होने गए किसान की सोमवार सुबह एक बाग में शव फांसी पर लटका मिला। मृतक के भाई ने कर्ज और फसल खराब होने से मानसिक रूप से परेशान होने की तहरीर दी है। भाई का कहना है कि आपदा राहत के रूप में करीब चार हजार रुपये की चेक मिली थी लेकिन नाम गलत होने पर भुगतान नहीं मिला।
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किसान की मौत की सूचना पर लेखपाल और प्रभारी कानूनगो मौके पर पहुंचे और तफ्तीश की। राजस्व विभाग के अधिकारी आत्महत्या के पीछे फसल बर्बादी नहीं मान रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक मृतक संपन्न परिवार से था और उसका एक बेटा फर्टिलाइजर कंपनी में इंजीनियर है।

बारासगवर थानाक्षेत्र के धानीखेड़ा गांव के सूर्यपाल वर्मा (50) पुत्र चंद्रकिशोर रविवार शाम को गांव के अपने बटाईदार छेदीलाल रावत के यहां वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने निकला था। देर रात तक न लौटने पर पत्नी विमला व अन्य लोगों ने तलाश की पर पता नहीं चला।
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सोमवार सुबह उसका शव गांव से दो सौ मीटर दूर स्थित बाग में अंगौछे से फांसी पर लटका मिला। सूचना पर बारासगवर थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। मृतक के भाई छत्रपाल ने पुलिस को बताया कि उनके भाई (मृतक) के हिस्से में कुल दो बीघा जमीन है।

दो बेटे और एक बेटी की पढ़ाई और खेती के लिए उन्होंने कुछ दिन पहले एक व्यक्ति से कुछ कर्ज लिया था। फसल खराब होने और कर्ज चुकाने के दबाव में सूर्यपाल मानसिक रूप से परेशान थे और इसी के चलते उन्होंने आत्महत्या की है।

छत्रपाल के मुताबिक आपदा राहत के नाम पर 24 अप्रैल को लेखपाल ने 3966 रुपये की चेक दी थी मगर चेक में नाम गलत होने से चेक का भुगतान भी नहीं हो पाया।  बीघापुर तहसीलदार राकेश गुप्ता ने प्रभारी कानूनगो राम सिंह और लेखपाल वेद प्रकाश मिश्रा को मौके पर भेजा और शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

तहसीलदार के मुताबिक मामला संदिग्ध है। उन्होंने बताया कि मृतक संपन्न परिवार से है। बेटा आदित्य इंडोगल्फ फर्टिलाइजर जगदीशपुर सुल्तानपुर में इंजीनियर है और बेटी व एक अन्य बेटा उच्च शिक्षारत हैं। उन्होंने बताया कि चेक खतौनी के खाते में दर्ज नाम के आधार पर बनती है।

अगर किसी की चेक और बैंक खाते के नाम में अंतर हो जाता है तो उसे बाद में संशोधित कर दिया जाता है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और तफ्तीश चल रही है। थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि परिजनों ने फसल खराब होने और कर्ज चुकाने की चिंता में आत्महत्या कर लेने की तहरीर दी है।
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