उन्नाव। मियागंज ग्राम पंचायत का नाम बदल कर मायागंज रखने की बात कहकर 2017 के चुनाव में वोटों का ध्रुवीकरण और सफीपुर में जीत हासिल करने में सफल रही भाजपा ने अब इस पर अमल शुरू कर दिया है। क्षेत्रीय विधायक की प्रयासों से ग्राम पंचायत ने नाम बदलने का प्रस्ताव पास कर दिया है। एसडीएम की संस्तुति के बाद डीएम ने अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज को आगे की कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है।
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में सफीपुर प्रत्याशी बंबालाल दिवाकर के समर्थन में हुई जनसभा में आए तत्कालीन गोरखपुर सांसद (अब मुख्यमंत्री) योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने पर ग्राम पंचायत मियागंज का नाम बदलकर मायागंज करने का वादा किया था। इसके बाद सरकार भी बनी और योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री भी बने लेकिन साढ़े चार साल तक मामला ठंडे बस्ते में रहा। अब विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही फिर से इस मामले ने तेजी पकड़ी है। सफीपुर विधायक ने 31 जुलाई को डीएम को दिए पत्र में बताया कि मियागंज का पुराना नाम भूपतिखेड़ा है। इसलिए नाम मायागंज या भूपतिखेड़ा रखा जाए। डीएम रवींद्र कुमार ने पत्र के आधार पर एसडीएम हसनगंज से आख्या मांगी। एसडीएम ने बीडीओ मियागंज को पत्र भेजा।
बीडीओ राजीव कुमार सिंह ने 16 अगस्त को प्रधान नजमा की अध्यक्षता में ग्राम पंचायत की खुली बैठक कराई। इसमें ग्राम पंचायत मियागंज का नाम बदलकर मायागंज करने का प्रस्ताव पास कराकर एसडीएम के माध्यम से डीएम को भेजा। इसके बाद डीएम ने नाम बदलने की कार्रवाई के लिए पत्र अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज को भेजा। डीएम ने बताया कि ग्राम पंचायत के नाम बदलने के प्रस्ताव को आगे की कार्रवाई के लिए अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजा गया है। नाम बदलने में आगे की कार्रवाई शासनस्तर से होगी।
ग्राम पंचायत के साथ ब्लाक का भी नाम भी बदलेगा। ग्राम पंचायत मियागंज की भूमि पर ही विकासखंड कार्यालय बना हुआ है। इसी कारण यदि ग्राम पंचायत मियागंज का नाम मायागंज होता है तो ब्लाक मियागंज का भी नाम बदल जाएगा। विकासखंड भी मायागंज के नाम से जाना जाएगा।
मियागंज के ब्लाक प्रमुख धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि मियागंज हो या मायागंज, नाम का कोई महत्व नहीं है। मायागंज हम स्वीकार भी करते हैं। हां, इतना जरूर है कि नाम बदलने के बाद मायागंज में विकास के काम ज्यादा होना चाहिए, जिससे जनता संतुष्ट हो यह ज्यादा अच्छा होगा।