उन्नाव। 24 फरवरी को पांच बांग्लादेशियों की गिरफ्तार के बाद पुलिस बाकी घुसपैठियों की तलाश में जुट गई है। एसपी ने फैक्टरियों और डेरा में रहने वाले लोगों का सत्यापन कराने के लिए अभियान शुरू कराया है। औद्योगिक क्षेत्रों के आसपास किराये पर रहने वालों के भी अभिलेख जांचे जा रहे हैं। अभी तक 200 परिवारों की जांच हुई है, जिनमें 10 के आधार कार्ड दूसरे जिलों व प्रदेशों से बने मिले हैं। पुलिस इन्हें संदेह के दायरे में लेकर जांच कर रही है।
रायबरेली निवासी एक सराफा व्यापारी को दो लाख रुपये के बदले तीन लाख रियाल (सऊदी अरब की करेंसी) देने का झांसा देकर ठगी हुई थी। इस मामले में पुलिस ने शहर कोतवाली के गदनखेड़ा मोहल्ले में कबाड़ का काम करने वाले दंपती सहित पांच लोगों को गिरफ्तार जेल भेजा था। जांच में सभी के बांग्लादेशी होने की पुष्टि हुई थी। पुलिस को शक है कि शहर व आसपास के गांवों में कई और घुसपैठिया परिवार सहित रह रहे हैं। एसपी दीपक भूकर ने ऐसे लोगों को पकड़ने के लिए सदर कोतवाली, दही थाना और अचलगंज कोतवाली पुलिस को डेरों और किराये पर रहने वाले बाहरियों की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
दही थाना प्रभारी संजीव कुशवाहा ने आवास विकास कालोनी, शिव नगर बस्ती, स्पोर्ट्स स्टेडियम, नवीन मंडी सहित हाईवे और रेलवे ट्रैक के आसपास खाली स्थानों पर अस्थायी डेरा डालकर रहने वालों का सत्यापन किया। अभी तक करीब 200 लोगों की आईडी चेक की गई है। इनमें 10 के आधार कार्ड संदेह के घेरे में हैं। जांच की जा रही है। एसपी ने बताया कि यह सत्यापन अभियान लगातार चलाया जाएगा। जिस भी व्यक्ति या उसकी आईडी पर संदेह होगा, उसकी गहनता से जांच कराई जाएगी।