उन्नाव। गर्दन पर धारदार हथियार के हमले से घायल युवक को उसके मामा ने जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। साथ रहने वाले मामा के अनुसार बीमारी से परेशान होकर भांजे ने खुद अपनी गर्दन पर चाकू से हमला कर आत्महत्या की है। पुलिस घटना की जांच कर रही है।
बिहार प्रांत के जिला गोपालगंज के सदर कोतवाली के गांव बरदाहाल निवासी धनंजय (19) दो महीने से शहर के अकरपुर स्थित एक सरिया फैक्टरी में काम करता था। वह अपने मामा संतोष यादव के साथ ही किराये पर रह रहा था। मामा संतोष के मुताबिक, शुक्रवार को धनंजय की अचानक तबीयत बिगड़ गई तो वह सिर के बल गिर गया, जिला अस्पताल में दिखा तो उन्होंने सीटी स्कैन कराया और फिर दवा देकर छुट्टी दे दी। शनिवार शाम छह बजे वह (मामा) ड्यूटी पर था और धनंजय कमरे में अकेला रुका था।
शाम को गैस सिलिंडर भरवाने के लिए एक साथी को कमरे पर भेजा तो उसने भांजे धनंजय को घायल हालत में पड़ा पाया। साथी रामपूजन व अन्य श्रमिकों की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया जहां, डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। मृतक के मामा के अनुसार बीमारी से परेशान होकर धनंजय ने खुद चाकू से हमला कर आत्महत्या की है। वह तीन भाइयों में बड़ा था, मां सविता देवी हैं। कोतवाली प्रभारी प्रमोद कुमार मिश्र ने बताया कि घटना की जानकारी हुई है, जांच कराई जा रही है।